वॉशिंगटन। पिछले 10 दिनों में अमेरिका में सामूहिक गोलीबारी में एक बंदूकधारी ने टेक्सास के एक प्राथमिक विद्यालय में 18 छात्रों और एक वयस्क की हत्या कर दी। साल्वाडोर रामोस के रूप में पहचाने जाने वाले बंदूकधारी ने सबसे पहले अपनी दादी को गोली मारी थी, जो अभी जीवित हैं, मगर गंभीर स्थिति में है।

टेक्सास में सैन एंटोनियो के पश्चिम में लगभग 83 मील की दूरी पर उवाल्डे में रॉब एलीमेंट्री स्कूल में गोलीबारी से पहले, उसने दो असॉल्ट राइफलों खरीदी थी। हाल ही में आरोपी 18 साल का हुआ था। वहीं जवाबी कार्रवाई में उसे कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने मार डाला है।

उसके मकसद का अभी पता नहीं चल पाया है।

18 वर्षीय एक श्वेत बंदूकधारी ने 14 मई को बफेलो, न्यूयॉर्क में एक किराने की दुकान पर फायरिंग की थी, जिसमें 10 अफ्रीकी-अमेरिकियों की मौत हो गई थी। उसने खुद को कानून प्रवर्तन के हवाले कर दिया था। वह नस्लवाद से प्रेरित था और उसने अफ्रीकी अमेरिकियों को मारने की साजिश की थी।

व्हाइट हाउस ने बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को टोक्यो से वापस फ्लाइट में शूटिंग के बारे में पता चला। बाइडेन ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हमें पूछना होगा कि गॉड के नाम पर हम कब बंदूक की लॉबी के खिलाफ खड़े होंगे?

बाइडेन ने यात्रा के बारे में कहा कि वह इस तथ्य से चकित थे कि इन अन्य देशों में से किसी ने भी इन गोलीबारी का अनुभव नहीं किया।

बाइडेन ने निराशा और गुस्से के साथ कहा, “एक राष्ट्र के रूप में, हमें पूछना होगा कि भगवान के नाम पर हम कब तक बंदूक की लॉबी के लिए खड़े होंगे और इसके खिलाफ क्या कर सकते हैं? जो माता-पिता अपने बच्चों को फिर कभी नहीं देख पाएंगे, उनके बारे में सोचने की जरूरत है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अब एक्शन लेने का समय है। हमें उन लोगों को बताने की जरूरत है जो इस तरह कानून के खिलाफ जाकर बंदूक उठाते हैं, हम उन्हें माफ नहीं करेंगे।”

ऑस्ट्रेलिया में शुरू किए गए बंदूक नियंत्रण कानून को एक मॉडल के रूप में इस्तेमाल किया गया है। अमेरिका में भी इसकी चर्चा हो चुकी है।

इन घटनाओं पर नजर रखने वाले एजुकेशन वीक के अनुसार, मंगलवार की शूटिंग 2022 में अमेरिका में 27वीं स्कूलों में हुई गोलीबारी थी। इस साल 212 सामूहिक गोलीबारी हुई है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में बंदूक हिंसा एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा है। सामूहिक गोलीबारी की हर घटना के बाद कॉमनसेंस नियंत्रण की मांग चरम पर होती है और कुछ समय बाद जब शक्तिशाली गन लॉबी सांसदों, नीतिगत हलकों और मीडिया के बीच समर्थकों की अपनी सेना के साथ पीछे हट जाती है।

Ankit Sharma

मैं एक स्वतंत्र हिंदी पत्रकार, लेखक, पीआर सलाहकार और सोशल मीडिया मैनेजर के रूप...

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