नोटबंदी 1 साल: अखिलेश अपर्णा आए आमने सामने, क्या फिर बटा सपा परिवार ?

बुधवार 8 नवंबर को नोटबंदी का पूरा 1 साल हो गया है। ऐसे में विपक्षियों ने जहां नोटबंदी का विरोध किया तो बीजेपी ने नोटबंदी का जश्न मनाया। लेकिन इस मुद्दे पर एक बार फिर समाजवादी पार्टी में दो फाड़ की स्थिति नजर आ रही है। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने जहां नोटबंदी का विरोध दर्ज कराया तो दूसरी तरफ उनके छोटे भाई की पत्नी अपर्णा यादव ने नोटबंदी का समर्थन किया। अखिलेश यादव और अपर्णा यादव का ट्वीट एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

akhilesh yadav

अखिलेश यादव ने बुधवार को ट्वीट किया कि वह नोटबंदी की बजाय इसकी लाइन में खड़े होकर जन्मे बच्चे का जश्न मनाएंगे। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘नोटबंदी की लाइन में जन्मे ‘ख़ज़ांची’ की माँ नहीं जानतीं कालाधन क्या होता है. हम नोटबंदी का जश्न नहीं पर ख़ज़ांची का जन्मदिन ज़रूर मनायेंगे’

 

जानकारी के लिए बता दे कि खजांची का जन्म 2 दिसंबर को हुआ था। आने वाली 2 दिसंबर को वह है 1 साल का पूरा हो जाएगा। इस मौके पर अखिलेश यादव उनका जन्मदिन मनाएंगे। खजांची की मां ने नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइन में खड़े होकर बच्चे को जन्म दिया था। जिसके बाद बैंक वालों की तरफ से इस बच्चे का नाम खजांची रख दिया गया था। यह पूरा मामला कानपुर देहात का है। वहीं एक तरफ जहां पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नोटबंदी का विरोध कर रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके छोटे भाई की पत्नी अपर्णा यादव नोटबंदी के समर्थन में खड़े हुए नजर आ रही हैं।

अपर्णा यादव के ट्वीट से ऐसा लग रहा है कि वह नोटबंदी से खुश हैं। दरअसल अपर्णा यादव ने ट्वीट कर कहा कि नोटबंदी सही या गलत यह नहीं कह सकते इतने कम समय में नोटबंदी को गलत नहीं ठहराया जा सकता है।

 

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके छोटे भाई की पत्नी अपर्णा यादव के बीच हो रहे ट्वीट विवाद के बाद अब साफ हो रहा है कि परिवाद वाद एक बार फिर से उजागर है। समाजवादी पार्टी में आए दिन कलह की स्थिति नजर आ रही है और ऐसी खबरें लगातार तूल पकड़ती जा रही हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर अपर्णा यादव की राह बदलती है या नहीं बदलती।

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