मैरी का एशियाईं पंच

”मैग्नीफिसेंट मैरी” नाम से मशहूर मुक्केबाज मैरीकॉम ने एक बार फिर से इतिहास रचा है। इस बार उनकी जीत का गवाह एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप बनी है। आपको बता दें इससे पहले भी मैरी कॉम ने एशिया कप में 4 स्वर्ण पदक लिए हैं, यह उन का 5 वां स्वर्ण पदक है। पर इस जीत में एक खास बात यह है कि पिछले चारों बार मैरी कॉम 51 किलो की वर्क कैटेगरी में खेली है, पर इस बार वह 48 किलोग्राम के वर्क में थी।

 

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ऐसा पहला मौका है जब मेरीकॉम ने इतने हल्के वर्क में एशियाई चैंपियनशिप में अपना स्वर्ण पदक हासिल किया हो। फाइनल में खेले गए इस मुकाबले में मैरी कॉम ने उंम्दा प्रदर्शन दिखाते हुए अपने प्रतिद्वंदी को 5-0 के स्कोर से हरा डाला। इससे पहले खेले गये सेमीफाइनल में उन्होंने जापान की मुक्केबाज को एक बेहद ही रोमांचक मैच में हराया था। जीत के बाद उनको बधाई देने वालों का तांता लग गया है। इससे पहले भी मैरीकॉम साल 2003 2005 व 2010 में गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुकी है। साल 2008 में भी वे फाइनल जीते-जीते रह गई थी मगर उंम्दा प्रदर्शन दिखाने के बावजूद भी वह फाइनल में हार गई उस साल उन्होंने रजत पदक हासिल करके ही संतोष करना पड़ा।

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