मकर सक्रांति पर्व की हैं बड़ी मान्यताएं, जानिए इसके बारे में

पूरे देश में रविवार के दिन मकर सक्रांति का त्योहार धूम धाम से मनाया जा रहा है. नए नए कपड़े पहन कर लोग इस त्योहार को मना रहे हैं. मकर सक्रांति के पर्व का काफी महत्व भी है. कहा जाता है कि इस दिन सूर्य उत्तरायण होता है. इसका मतलब है कि पृथ्वी का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की तरफ घूम जाता है. माना जाता है कि मकर राशि में इस दिन सूर्य आ जाता है. इस पर्व को देश के अलग अलग राज्यों में बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है. पूरे देश में 14 जनवरी के दिन मकर सक्रांति के पर्व को मनाया जा रहा है. इस दिन की काफी मान्यताएं हैं. मकर सक्रांति के पर्व को अलग अलग नामों से भी पहचाना जाता है.

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कहा जाता है कि इस दिन यशोदा जी कृष्ण भगवान की प्राप्ति के लिए व्रत रखा था.
कहा जाता है कि इस दिन कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए गंगाजी सागर से मिली थी.
मान्यता है कि हजारों साल पहले इस पर्व को 31 दिसंबर को मनाया जाता था लेकिन हजारों सालों के बाद इस पर्व को 2 हफ्ते आगे बढ़ा दिया गया जिसके बाद अब यह त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाने लग गया है.
इस पर्व को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि 5 हजार सालों के बाद इस पर्व को फरवरी महीने के अंत में मनाया जाएगा.

कहा जाता है कि सूर्यदेव धनु राशि के बाद जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर सक्रांति मनाई जाती है. इसका महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि इस दिन सूर्य दक्षिण से उत्तरायण हो जाता है. इसलिए इसे उत्तरायण देवताओं का दिन भी कहा जाता है. इस दिन दान पुण्य करना अच्छा है. इस दिन स्नान का भी काफी महत्व है. मकर सकांति के दिन खिचड़ी का भोग भी लगाया जाता है. कहा जाता है कि पूर्वजों की आत्मा की शांति के दिन भी खिचड़ी का भोग लगाया जाता है. बात अगर महाराष्ट्र की करे तो इस त्योहार को बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है. इस पर्व पर सूर्व की गति तिल तिल बढ़ती है. कहा जाता है कि इस कारण ही इस दिन अलग अलग मिठाई को बनाया जाता है. इस दिन तिल से मिष्ठानों को मनाया जाता है. लोगों द्वारा मिष्ठान एक दूसरे को वितरित किया जाता है. इस त्योहार के बारे में आपको अधिक बताया जाए तो साल 2012 में यह 14 जनवरी की आधी रात के बाद था. जिस कारण उदय तिथि में यह पर्व 15 जनवरी को पड़ रहा है. वही पंजाब, दिल्ली, यूपी या फिर किसी अन्य देश के हिस्से की बात करें तो यह पर्व लोगों में खुशियां भर देता है. लोगों द्वारा इसे काफी अच्छे रूप से मनाया जाता है.

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