मसूरी में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन की पत्रकार वार्ता

मसूरी में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष संदीप सहानी के नेतृत्व में पत्रकार वार्ता करते हुए प्रदेश की त्रिवेन्द्र रावत की सरकार पर पर्यटन उद्योग को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा राजस्व को बढ़ाने के नाम पर बार लाइसेंस शुल्क तीन लाख से पांच लाख कर दिया गया है. वहीं दुकानों की लाइसेंस फीस, न्यूनतम जमानत राशि, अतिरिक्त उठान पर शुल्क, आवेदन शुल्क में चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में काफी इजाफा कर दिया है. जिसका असर पर्यटन उद्योग के साथ होटल व्यवसाय पर पडे़गा. उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा की उनके द्वारा शराब को लेकर की गई वृद्वि पर पुन विचार कर तत्काल वापस लिया जाए.

उन्होंने प्रदेश सरकार पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के बजाये उसको समाप्त करने की नीति बना रही है तो चिंता जनक है. उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश का व्यापारी जीएसटी और नोटबंदी की मार से उभरा भी नही था कि सरकार द्वारा बार लायसेंस के साथ अन्य टैक्सों में वृद्वि कर रही है जो बर्दाश्त नहीं किया जाऐगा.

संदीप सहानी ने बताया कि उत्तराखंड प्रदेश में पर्यटन के सिवाये कुछ नहीं है और प्रदेश में सबसे जयादा रोजगार पर्यटक उद्योग देता है. वहीं पलायान रोकने में भी अपनी अहम भूमिका निभाता है व सरकार का 30 प्रतिशत जीडीपी पर्यटक उद्योग से है लेकिन सरकार उसकी मुर्गी को मारना चहती है जो सोना का अंडा देती है. उन्होंने कहा कि शराब को लेकर नियमों में किये गए बदलाव से शराब मेहगी के साथ ज्यादा दरो में लोगों को परोसी जाऐगी जिसको व्यवसाय में विपरीत असर पडे़गा और पर्यटन उद्योग भी प्रभावित होगा. उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके द्वारा शराब को लेकर की गई वृद्वि पर पुन विचार कर तत्काल वापस लिया जाए. उन्होंने बताया कि जल्द पूरे प्रदेश के होटल और रेस्ट्रोरेंट स्वामी बैठक कर सरकार के द्वारा शराब को लेकर लिए गए निर्णय को लेकर बैठक करने जा रहे है और रणनीति के तहत शराब की बड़ी दरो का विरोध किया जाऐगा.

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