मृतक किसान के घर पहुँचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत

सितारगंज के बिष्टि गांव में बैंक के कर्ज तले दबे खुदखुशी करने वाले मृतक किसान मुख्यत्यार सिंह के घर कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहुँचे. हरीश रावत ने मृतक किसान के पीड़ित परिवार से मुलाकात की. पीड़ित किसान के परिजनों को 5 लाख रुपये प्रदेश सरकार से मुआवजा दिलवाने व एक परिवार के सदस्य को नौकरी दिलवाने की भी मांग की.

harish rawat

कुछ दिन पूर्व सितारगंज के बिष्टि गांव के किसान मुख्यत्यार सिंह के द्वारा बैंक के कर्ज तले दबे होने पर मायूस होकर खुदखुशी कर ली गयी थी. जिसको लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त हैं. इसी के चलते आज कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पहुँचकर मृतक किसान के परिजनों से मुलाकात की. उनका कहना था कि किसान मुख्यत्यार सिंह ने बैंक के कर्ज के तले दबे होने पर मायूस होकर खुदखुशी कर ली थी. जिसपर में आज उनके परिवार से मुलाकात की हैं. कांग्रेस प्रदेश सरकार से मांग करती है कि मृतक किसान के पीड़ित परिवार को 10 लाख या कम से कम 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दें. जिससे मृतक किसान का परिवार इस दुख की घड़ी में खड़ा हो सके. साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाये. क्योंकि पिछले एक साल में उत्तराखंड में 11 किसान कर्ज के चलते खुदखुशी कर चुके हैं.

वैसे तो किसान को अन्नदाता कहा जाता है, लेकिन भाजपा की सरकार में किसानों की स्थिति बड़ी दयनीय हो गयी है. सरकार को किसानों के कर्ज को माफ करने व फसलों का उचित मूल्य देने को लेकर कदम उठाने होंगे. अगर 2019 में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस सत्ता में आई तो कांग्रेस किसानों के लिए बेहतर कदम उठाएगी व किसानों के लिए कर्ज माफी सहित किसानों की फ़सालो के उचित मूल्य का प्रबंध करेगी. वही मुझे जानकारी मिली है कि मृतक किसान के पास कुल 8 बीघा जमीन है और किसान को ऋण सीमा से अधिक साढे तीन लाख रुपये दे दिए गये. इसकी जांच होनी चाईए कि इस प्रकार की कौन सी गैंग है जो किसान की ऋण सीमा से दो गुणा अधिक ऋण बैंको से दिलवा रही हैं. ऐसे लोगो पर भी कार्यवाही होनी चाहिए. साथ ही 2019 में अगर कांग्रेस की सरकार बनी, तो किसानों के हितों को देखते हुए ही किसानो को आगे बढ़ाएगी और कर्ज से मुक्ति दिलवाएगी.

जनहित खबर के लिए चरन सिंह की रिपोर्ट

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