अवैध खनन के चलते तीन मजदूरों कि मौत

काशीपुर की कोसी नदी में अवैध खनन करते वक्त नदी की गहराई में जाकर खुदाई कर रहे मजदूरों पर ढांग गिर जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई. जिसपर जिलाधिकरी नीरज खैरवाल ने जिला अंतर्गत सभी खनन क्षेत्रों में सरकार द्वारा आवंटित प्राइवेट पट्टों पर अग्रिम आदेश आने तक रोक लगा दी. जिसके चलते सितारगंज सिडकुल के पास से बहने वाली कैलाश नदी के खनन क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया हैं.

कैलाश नदी में सरकार द्वारा आवंटित दो प्राइवेट पट्टे ही अभी तक चालू था, जिससे खनन किया जा रहा था. वहीं जहां एक तरफ काशीपुर की कोसी नदी में जहां मानकों से अधिक नदी से चुगान होने पर उसकी गहराई बढ़ने की वजह से उसमें खुदाई कर रहे तीन मजदूरों की दबने से मौत हो गई. ऐसा ही हाल सितारगंज की कैलाश नदी का भी खनन माफियाओं ने कर दिया हैं.

वही सिडकुल की उकरोली व साधुनगर में एक-एक प्राइवेट पट्टो में खनन माफियो ने कैलाश नदी में भी ने मानकों से ज्यादा खनन खोद दिया हैं. कहीं-कहीं तो 15 से 20 फिट तक कि गहराई के गड्ढे नदी में खनन माफियाओं द्वारा कर दिए गए. लेकिन इन्हें रोकने और उनपर कोई निगरानी प्रशासन द्वारा नहीं की जा रही है. वैध खनन की आड़ में लगातार अवैध खनन किया जा रहा हैं. प्रशासन का इस ओर जरा भी ध्यान नहीं हैं. जब कोई हादसा होता है तो प्रशासन कुछ दिन के लिए खनन कार्य बंद कराकर खानापूर्ति मात्र कर दोबारा खनन चालू करवा देता हैं. अगर समय रहते खनन क्षेत्रों की प्रशासन निगरानी रखे तो ऐसे हादसे जैसा काशीपुर की कोसी नदी में हुआ कहीं न हो लेकिन चंद रुपयों की खातिर प्रशासन आंखे बंद कर खनन माफियाओं को अवैध खनन करने से नही रोकता, जिसका खामियाजा मजदूर उठाते हैं.

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