मसूरी कार्निवाल में पारम्परिक पर्व बग्वाल को किया प्रदर्शित

मसूरी विंटर लाइन कार्निवाल के तहत उत्तरकाषी राईबसी और अगंहा माउंटेन एसोसिएशन द्वारा पारम्परिकं रिति रिवाजों के साथ बग्वाल त्यौहार को मसूरी के शहीद स्थल पर प्रर्दषित किया गया. जलते हुए भेलू को हाथ में लेकर कलाकरों के साथ पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, एसडीएम मीनाक्षी पटवाल और पर्यटकों ने जमकर पराम्परिक धून में नृत्य किया. एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय ने बताया कार्निवाल के दौरान देश विदेश से आए पर्यटको को अपनी सांस्कृति को महत्व के बारे में बताने का प्रयास किया जा रहा है.

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उन्होंने कहा कि भगवान रामचद्र जी के बनवास से आयोध्या लौटने के बाद उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्रों में करीब एक माह के बाद पता चला था. ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड गई जिसके स्वरूप ग्रामीण इस दिवस को बग्वाल के रूप् में बनाते हुए अपनी पराम्परिक वेशभूषा में नाचते गाते नजर आये. बग्वाल यानी दिपावली भी इसी का हिस्सा है. गांव में रात्री में सभी लोग किसी खेत खलिहान पर जमा होने के साथ ही भैलो जो चीड़ की लकड़ियों से बनी मशाल को घूमाते हुए नृत्य करते है.

पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा की त्यौहारों के पारंपरिक स्वरूप को बचाये रखने की दिशा में क्षेत्र में बग्वाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटको को अपनी संस्कृतिक से रुबरू कराया जा सके. वहीं उन्होंने बताया कि सभी लोगों ने कार्निवाल के दौरान आयोजित होने वाले बग्वाल कार्यक्रम का जमकर लुप्त उठाया.

जनहित खबर के लिए सुनील सौनकर की रिपोर्ट .

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