विधिक माप विज्ञान का आदेश धर्मकांटे के संचालक ने ठेंगे पर रखा

सितारगंज के सिडकुल क्षेत्र के उकरोली खनन क्षेत्र में स्थित राहुल धर्मकांटे को वरिष्ठ विधिक माप विज्ञान सितारगंज ने 14 दिसम्बर को 6 टन वजन तोलने पर 1 क्विंटल 60 किलोग्राम का धर्म कांटे पर वजन कम बताने पर उसे अग्रिम आदेशो तक बंद करने के दिये गए थे. लेकिन धर्मकांटे के संचालक ने तुरंत ही धर्मकांटे पर आरबीएम खनन को तोलना कर दिया गया शुरू. वरिष्ठ निरक्षण विधिक माप विज्ञान सितारगंज के आदेशों की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं. संचालक खुलेआम चला रहा धर्मकांटा.

सितारगंज के सिडकुल में उकरोली खनन क्षेत्र में स्थित राहुल धर्मकांटे को लेकर एस.डी.एम सितारगंज विनोद कुमार ने जांच के लिए वरिष्ठ विधिक माप विज्ञान सितारगंज को आदेश दिया था. जिस पर 14 दिसम्बर को धर्मकांटे की जाँच की तो धर्मकांटे में 6 टन तोलने पर 1 क्विंटल 60 किलो वजन में कम तोला जा रहा था. जिसपर कार्यवाही करते हुए वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान के के.सी.पंत ने धर्मकांटा अग्रिम आदेश तक बंद कर दिया. लेकिन माप विभाग के हटते ही धर्मकांटे को चालू कर दिया गया, क्योंकि कुमायूं मंडल के पट्टे का आरबीएम रेता बजरी तोला जा रहा हैं. जिसमे ओवर लोड प्रशासन ने तोलने से मना कर रखा हैं. लेकिन खनन माफिये अपने फायदे के लिए धर्मकाटे के संचालन से मिलकर वजन कम करा लेते हैं. वहीं पट्टे धारक व वाहन के मालिक व धर्मकांटा संचालक तीनो मिलकर पूरी योजना बना रावल्टी कम करके राजस्व विभाग व सरकार के कानून को चूना लगा रहे हैं तथा ओवर लोड को अंडर लोड किया जा रहा हैं. वहीं सरकार के नियमों की भी धज्जिया उड़ाई जा रही हैं. इसी को लेकर डंपरों के एक तरफ के टायरों को धर्मकांटे के किनारे से बाहर करके वजन कम करके अंडर लोड कर दिया जा रहा है और धर्मकांटे के संचालक द्वारा तुलाई दो गुनी ज्यादा लेकर अपनी जेब भरी जा रही हैं. वहीं सरकार से चोरी रावल्टी काट कर खुलेआम खनन माफियों को फायदा कांटे वाले पहुंचाते हैं.

हमें वरिष्ठ निरक्षक विधिक माप विज्ञान के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि राहुल धर्मकांटे की जांच की गयीं तो धर्मकांटे में 61 क्विंटल 20 किलो वजन तोल कर जब इस धर्मकांटे पर तोला गया, तो उसपर 69 क्विंटल 50 किलो वजन ही बताया गया. जिसपर 1 क्विंटल 60 किलो का वजन कम पाए जाने पर धर्मकांटे को लिखित आदेश से अग्रिम आदेश तक बंद करके संचालक को एक कापी भी दी गयी. लेकिन माप विभाग के अधिकारियों के जाते ही संचालक द्वारा आरबीएम रेता बजरी को तोलने का कार्य शुरू कर दिया गया. जिससे लगता हैं कि धर्मकांटे के संचालक द्वारा कानून की खुलेआम धज्जिया उड़ाई जा रही हैं.

वहीं जब हमने धर्मकांटे के संचालक सोनू यादव से बात की तो उसका कहना था कि मेरा धर्मकांटा 1 क्विंटल 50 किलो का वजन कम बता रहा हैं, जो आम बात हैं. इसका साफ होता है कि अधिकारी के आदेश की खुलेआम धज्जिया उड़ायी जा रही हैं और धर्मकाटे को संचालक द्वारा खुलेआम चलाया जा रहा हैं. लेकिन प्रशासन व संचालक की मिलीभगत के चलते कोई भी कार्यवाही नहीं हो पा रही हैं. वहीं माप विभाग के अधिकारी कार्यवाही करने की बात कह रहे हैं.

जनहित खबर के लिए चरन सिंह की रिपोर्ट

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