मसूरी में 2 अप्रैल को एसटीएससी समुदाय का हल्ला बोल

मसूरी में भारतीय दलित साहित्य अकादमी और मसूरी वाल्मीकि समाज उत्थान सभा के द्वारा सयुक्त रूप से एसडीएम मसूरी से मुलाकात कर उनको 2 अप्रैल में भारत बंद के साथ मसूरी में होने वाली विशाल विरोध रैली के बारे में अवगत कराया और उनसे रैली के दौरान दी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था के बारे में वार्ता की.

मसूरी वाल्मीकि समाज के अध्यक्ष राजेन्द्र घावरिया ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एससी-एसटी धारा में संशोधन किया गया है. जिसके विरोध में 2 अप्रैल को भारत बंद का आहवहान किया गया है. वहीं इसी को लेकर मसूरी में भी सैकड़ों की सख्या में एससी और एसटी समाज के लोग मसूरी के गुरूद्वारा चौक पर एकत्रित होगे और मसूरी के मालरोड से होते हुए मांधी चौक पहुचेंगे और वहा पर एक विशाल सभा का आयोजन किया जाऐगा.

उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण समस्त देश के दलित और जनजाति के लोग आहत है. केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सह से एससी-एसटी एक्ट में संशोधन कर दिया गया है. जिससे दलित और जनजाति के लोगों के अधिकारों का हनन हुआ है और एक्ट मे संशोधन होने से पूरे देश में दलितो के साथ हो रहे अत्याचारों में और वृद्वि हो जाऐगी. उन्होंने कहा कि आज देश में दलित और जनजाति वर्ग असुरक्षित महसूस कर रहा है. उन्होंने कहा कि एक्ट में किसी भी हाल का संशोधन बर्दाश्त नहीं किया जाऐगा और जब तक एक्ट में हुए संशोधन को पूर्व की भाति नहीं किया जाता तब तक पूरे देश में विरोध प्रर्दशन जारी रहेगा. इस मौके पर मनोज कुमार दिगिया, विजेंन्द्र मचल, राजकुमार, मुकेष, रोबीन, संचिन सहित कई लोग मौजूद थे.

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