मसूरी में एकदिवसीय सेमीनार

नेशनल हिल फीजिकॉन फैडरेसन की ओर से पहाडों की रानी मसूरी में एकदिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन देहरादून जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने द्वीप प्रज्वलित कर किया. सेमीनार में विभिन्न राज्यों से 250 फीजियों चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया है. वहीं इस फीजियोथैरेपी में बेहतर काम करने वाले चिकित्सकों को सम्मानित भी किया गया है. सेमिनार में जहां फीजियों की कई नई तकनिकियों पर गहनता पूर्वक विचार विमर्श किया गया वहीं सेमीनार में पहुंचे चिकित्सकों ने सरकार की अनदेखी पर भी सवालिया निशान खडे़ किए और बताया की सरकारों की नजर अंदाजी का खामियाजा आज हजारों उन चिकित्सकों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होने फीजियो कोर्स करके डिग्री हासिल की है. जबकि किसी भी उपचार के लिए फीजियोथैरेपी आज के लिहाज से काफी फायदे मंद साबित हो रही है.

जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने कहा की वर्तमान प्रस्थितियों के बीच फीजियोथैरेपी वाकई में रामवाण का काम कर रही है. उन्होंने सेमीनार में आए चिकित्सकों को लगन और मेहनत से काम करने की नसीहत दी है और कहा कि आज हकिक्त में इसके प्रचार प्रसार की जरूरत है. ताकि दूरस्थ क्षेत्र के लोग भी इस सरल पदति का लाभ लें सकें.

नेशनल हिल फीजियोकॉन फैडरेसन के सचिव डॉ आनन्द यादव ने बताया की फीजियोथैरेपी वह उपचार है जिसमें बिना ऑपरेशन के बड़ी से बड़ी बिमारी का मरीज ठीक हो जाता है. वहीं उन्होंने कहा की फीजियोथैरेपी के प्रचार प्रसार के लिए फैडरेशन प्रत्येक राज्यों में एसोशिएसनों का गठन करेगी और सरकारों का ध्यान खींचने का प्रयास करेगी.

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