मसूरी नगर पालिका का घोटाला

प्रदेश के नगर निकाय मनमाने ढंग से काम कर सरकार को तो लाखों रूपए के राजस्व का चूना लगा रही हैं, साथ में चहेते ठेकेदारों से देर से निर्माण कार्य पूरा करने के लिए जुर्माना वसूल करने से भी कन्नी काट रहे है. जिसका खुलासा 2016-2017 की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है. जिसमें मसूरी नगर पालिका परिषद के द्वारा करोडों रूपयों की वित्तीय अनियमितता कर सरकार को चूना लगाने का काम किया है. मसूरी पालिका की वर्ष 2016-17 की ऑडिट रिपोर्ट विभिन्न स्तरों पर बरती गई वित्तीय अनियमितता और ठेकेदारों से विभिन्न वसूली में बरती गई लापरवाही की जांच कर रही है. रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि मसूरी नगर पालिका परिषद ने विभिन्न ठेकों से 2.39 करोड़ की लंबित धनराशि वसूल नहीं किए. ईको शुल्क ठेके के आयकर की 60 हजार की राशि को अनियमित रूप से पालिका निधि से जमा कराया गया. रोपवे संचालन के लिए ठेकेदार से आयकर के 1.80 लाख रूपए वसूल नहीं किए गए. जबकि ठेके के अनुबंध के मुताबित ब्याज न लगाने पर मसूरी नगर पालिका परिषद को 46.64 लाख रूपए की आर्थिक क्षति हुई. वहीं ब्याज की दर अनियमित रूप से कम अंकित किए जानें से ठेकेदारों को 10.73 लाख का लाभ पहुंचाने का खुलासा किया गया है.

वहीं पालिका ने मैसानिक लॉज पार्किंग निर्माण कार्य अधूरा रहने से 47.43 लाख का खर्च व्यर्थ होकर रह गया क्योंकि पूर्व पालिका द्वारा मैसानिक लॅाज में पार्किंग का निर्माण करवाया जा रहा था जो की वर्तमान पालिका द्वारा पूरा नहीं करवाया गया. वही वर्तमान में पार्किग के लिए बनाए गए ढ़ाचे में लोगों द्वारा निर्माण कर कब्जा कर लिया गया. 63.38 लाख से खरीदी गई सफाई सामाग्री, विघुत समाग्री एंव उपकरण में प्रोक्योरमेंट नियमों का उल्लंघन कर बगैर ई-निविदा के ही का किया गया. पालिका के अनुदानों पर प्राप्त ब्याज की 41.29 लाख की राशि शासन वापस नहीं की गई. निधार्रित दर से स्टाम्प शुल्क पर अनुबंध नहीं किए जाने से सरकार को 7.42 लाख राजस्व की हानि हुई है.

मसूरी नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने ऑडिट रिपोर्ट मे उजागर हुए पालिका के द्वारा करोडों रूपए की अनियमितता के आरोप को गलत ठहराते हुए कहा कि उनके द्वारा मसूरी के विकास के लिए जो भी कार्य किये गए वह नियमों को पालन और नगर पालिका के सदन में पारित कर के किए गऐ है. ऐसे में वह समझ नहीं पा रहे है कि ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ो रूपए कि वित्तीय अनियमितता का आरोप कैसे लगा है. उन्होंने कहा कि उनको राजनेतिक षडयंत्र के तहत बदनाम करने की कोशिश की जा रही है क्योंकि नगर निकाय के चुनावों में कुछ ही समय बचा है. ऐसे में विपक्ष के लोग उनके खिलाफ झुठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहे है.

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