मसूरी में अवैध खनन और निर्माण जोरो पर

पहाडों की रानी मसूरी अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देश-विदेश में मशहूर है, लेकिन इन दिनों भू और खनन माफियों के साथ अवैध निर्माण करने वालो ने मसूरी की खूबसूरती में दाग लगाने का काम कर रहे है. वहीं मसूरी को कंकरीट का जंगल बनाने में किसी प्रकार की कोई को-कसर नहीं छोड़ रहे है. वहीं संबधित विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त आख बंद करे बैठे है. ऐसे में जल्द अगर प्रशासन द्वारा कोई ठोष कारवाई मसूरी की सुदरता और वतावरण को बचाने के लिए नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं जब पहाड़ों की रानी मसूरी की खूबसूरत वार्तावरण और सौदंर्य मात्र इतिहास में दर्ज होकर रह जाऐगा.

मसूरी वन विभाग और मसूरी देहरादून विकास प्रधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत से मसूरी में भू और खनन माफियाओं के हौसले बुलद हो रखे है. मसूरी के कंपनी बाग मार्ग की बात करें तो यहां पर भू और खनन माफियाओं द्वारा दिन में ही प्राइवेट जमीन पर खनन कर हरे भरे पेडों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. वहीं अवैध रूप से बिना किसी विभाग के अनुमति के प्लोटिंग की जा रही है व मलवे को मुख्य सड़क के किनारे पर ढे़र लगाया जा रहा है. जिससे मशहूर कम्पनी बाग में आने-जाने वाले देश विदेश के पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं संबधित विभाग के अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी किसी प्रकार कि ठोस कारवाई नहीं की जा रही है. जिससे स्थानीय लोगों में विभाग के अधिकारियों के खिलाफ खासा आक्रोष व्याप्त है.

मसूरी एसडीएम मीनाक्षी पटवाल ने बताया कि उनके संज्ञान में अवैध रूप से हो रहे खनन और निर्माण का मामला आया है. जिस पर तत्काल संज्ञान लेकर संबधित विभाग के अधिकारियों को शिकायत कर जांच कर उनको रिपोर्ट करने के निेर्देश दिए गए है और अगर शिकायत सही पाई गई तो खनन और निर्माण करने वाले लोगों पर सख्त कारवाई की जाऐगी.

वन विभाग के वन अधिकारी दीवान सिंह नेगी ने बताया कि विभाग को खनन की सूचना मिलने पर वह वन विभाग की टिम के साथ मौके पर पहुंचे और प्राइवेट जमीन में हो रहे कार्य को तत्काल रूकवाकर चालान कि कारवाई की गई है. उन्होंने कहा कि मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी डाला जा चुका है.

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