सितारगंज में सरकार के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

सितारगंज क्षेत्र के किसानों का सोमवार से गन्ना सोसाइटी सितारगंज में चीनी मिल पीपी मोड़ पर देने को लेकर सरकार के खिलाफ क्रमिक अनशन जारी. चीनी मिल बंद होने के कारण सैकड़ों किसानों का गन्ना खेतो में खड़ा होने पर फूटा गुस्सा हाथो में गन्ना लेकर नगर में रैली निकली. सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. प्रदेश सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी कि और मुख्यमंत्री को संबोधित तहसीलदार को सौपा ज्ञापन.

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‘दि किसान सहकारी चीनी मिल’ सितारगंज को चलाने के लिए 1 करोड़ 70 लाख रुपये लगाकर मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया था. 9 नवम्बर को चीनी मिल चलाने का समय तय हो गया था सारी तैयारियां पूरी कर ली गयीं थी। किसानों के गन्ने तोलने के लिए जगह-जगह सेंटर बना काटे लगा दिए गए थे. कर्मचारियों को डियूटी पर बुला लिया गया था. किसानों के गन्ने की फसल खेतो में तैयार हो चुकी हैं. अब चीनी मिल के मजदूरों को भी एकदम बेरोजगार कर दिया गया. वहीं किसान गन्ना कहा लेकर जाए. जिसपर चीनी मिल के मजदूर व किसान दोनों के चूल्हों पर सरकार ने पानी फेर दिया. जिसको लेकर किसान व चीनी मिल के मजदूर दोनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और रोजाना ही धरने प्रदर्शन होने लगें. लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नही रेंग रही हैं. अब किसानों व चीनी मिल मजदूरों की एक ही मांग हैं कि चीनी चलाओ नहीं तो हम सरकार का पुरजोर विरोध करेंगे.

इसी को लेकर गन्ना सोसाइटी में अखिल भारतीय किसानसभा व लघु एवं सीमांत किसान संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों किसान सोमवार से अनिश्चितकालीन अनशन पा बैठ गए हैं और किसान सरकार का विरोध कर रहे हैं. इसी के तहत सैकड़ों किसानों ने हाथो में गन्ने लेकर पूरे नगर में रैली निकाल विरोध प्रदर्शन किया और तहसील में पहुँचकर मुख्यमंत्री को संबोधित तहसीलदार सितारगंज को ज्ञापन दिया.

किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार चीनी मिल को चालू करें जिससे किसानों का गन्ना चीनी मिल में दिया जा सके और किसानों को गन्ना इधर-उधर ओने पौने दामों में न बेचना पड़े. किसान पहले ही बैंको के ऋण में दबा हुआ हैं. अब उसकी तैयार फसल को सरकार न लेकर उसे मरने को मजबूर कर रही हैं. एक तरफ तो सरकार किसानों की आय दुगनी करने की बड़ी-बड़ी बातें कर रही हैं. दूसरी तरफ सरकार किसान विरोधी फैसले लेकर किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं. वही किसानों ने मांग की कि चीनी मिल के महाप्रबंधक द्वारा सरकार को गलत रिपोर्ट भेजी गई हैं. साथ ही उसके द्वारा जो चीनी मिल में घोटाला किया गया है उसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए, जिससे स्थिति साफ हो सकें. किसानों के पास पर्याप्त मात्रा में गन्ना खड़ा हैं. जिससे चीनी मिल को पूरे सीजन चलाया जा सकता हैं. वहीं उन्होंने चीनी मिल के महाप्रबंधक को तत्काल हटाने की भी मांग की हैं. सरकार से चीनी मिल को तुरंत चलाने की मांग करते हुए कहा कि जल्द सरकार ने फैसला नही बदला तो किसान और उग्रआंदोलन करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी. इस मौके पर जगदेव सिंह जिलाध्यक्ष सीटू, जी के मंडल अध्यक्ष लघु एवं सीमांत किसान संघर्ष समिति लखविंदर सिह, राजेन्द्र सिंह, शशि राणा, ज्ञानी सतवंत सिंह, रामनरेश, उमेश, भगवानदास, शिव शकर यादव, सुच्चा सिंह, चंद्रभान, श्याम सुंदर, रामजानक सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे.

जनहित खबर की तरफ से चरन सिंह की रिपोर्ट 

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