बयान के बाद खड़ा हुआ विवाद, जानिए क्या कह गए पीडीपी प्रवक्ता

कश्मीर के स्थानीय आतंकवादियों की हत्या पर शोक प्रकट करने से कोई रोक नहीं है ऐसा कहना है जम्मू कश्मीर में सत्तारूढ़ पीडीपी के वरिष्ठ नेता का. उनके इस बयान सामने आने के बाद से ही विवाद लगातार खड़ा हो रहा है. पीडीपी नेता का मानना है कि पार्टी की यही नीति रही है. पीडीपी प्रवक्ता रफी अहमद मीर की तरफ से यह कहा गया है कि चाहे सीआरपीएफ का जवान हो या स्थानीय आतंकवादी, शोक प्रकट करने में कोई रोक नहीं है.

हालांकि यह सब कुछ सुरक्षा पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि कई बार हम शोक मनाने जा सकते हैं लेकिन कई बार नहीं जा सकते. रफी अहमद मीर ने कहा है कि पीडीपी की हमेशा से यही नीति रही है जब कोई आतंकी मारा जाता है तो उसके परिवार से मिलकर शोक जताया जाता है उस दौरान पार्टी प्रमुख भी यही क्या करता है. जो भी मरता है वह ईश्वर के सामने होता है. आपको बता दें कि शनिवार को सोपोर में आईईडी ब्लास्ट हुआ था जिसमें 4 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. जिस पर पीडीपी प्रवक्ता का कहना है कि जब भी कोई पुलिसकर्मी मारा जाता है या कोई स्थानीय आतंकी, यह दोनों ही बातें दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं. और हम इसकी आलोचना करते हैं. रफी अहमद मीर की तरफ से सुपर ब्लास्ट पर दुख व्यक्त करते हुए यह कहा गया है कि वह एक ह्रदय विदारक घटना थी और उम्मीद है कि हालात आने वाले दिनों में बेहतर हो पाएंगे.

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