राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे, गुरु नानक देव के दरबार

भारत के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद वीरवार को अमृतसर के श्री दरबार साहिब स्वर्ण मंदिर में परिवार समेत माथा टेकने पहुंचे। इससे पहले उन्होंने पंगत में बैठकर संगत के साथ लंगर छका और कढ़ा प्रसाद का देग चढ़ाया। राष्ट्रपति कोविंद स्वर्ण मंदिर में करीबन 45 मिनट आम आदमी के बीच खड़े रहे। इसके बाद राष्ट्रपति जलियांवाला बाग पहुंचे जहां पर उन्होंने शहीदों को नमन किया। राष्ट्रपति कोविंद के सम्मान में श्री दरबार साहिब की तरफ से एसजीपीसी ने सूचना केंद्र पर राष्ट्रपति को श्री दरबार साहिब का सुनहरा मॉडल, शॉल और धार्मिक किताबें भेंट की।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर, एसजीपीसी प्रधान प्रोफेसर किरपाल सिंह बंडूगर भी मौजूद थे। इसके पहले श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह सगहिब ज्ञानी, जगतार सिंह ने प्रसाद के तौर पर राष्ट्रपति को फूल और सिरोपा भेंट के तौर पर दिया। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री व शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राष्ट्रपति व उनके परिजनों का स्वागत किया। कांग्रेस के विधायक व पंजाब के मंत्री राणा गुरजीत सिंह भी इस मौके पर राष्ट्रपति के साथ मौजूद थे। राष्ट्रपति ने दरबार सिंह के विजिटर बुक में लिखा कि आज मुझे परम पवित्र श्री दरबार साहिब में मत्था टेकने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस धर्म की परंपराएं इतनी महान है संगत और लंगर में सारे भेदभाव को मिटाने की जो ताकत है, उस ताकत का अनुभव मुझे आज हुआ है। मुझे श्रद्धालुओं में सबके भले के लिए काम करने की भावना को देखकर अपने देश के मानवतावादी मूल्यों पर बहुत गर्व हो रहा है। स्वर्ण मंदिर में आकर मुझे जो अनुभूति हुई है उसे मैं परम पिता परमात्मा गुरु नानक देव का आशीर्वाद मानता हूं।

जलियांवाला बाग में शहीदों को नमन करने के बाद राष्ट्रपति ने विजिटर बुक में लिखा कि मुझे जलियांवाला बाग में देश के लिए कुर्बानी देने वाले शहीदों को नमन करने का पावन अवसर मिला। इस ऐतिहासिक स्थल पर आकर मुझे आत्मा शांति प्राप्त हुई है। शहीदों को नमन और याद कर मेरी आंखें आंसुओं से भर आई है। मैं उन सभी शहीदों के सम्मान में नतमस्तक हूं।

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