PAK पहुंचते ही किरण बन गई आमना, परिवार ने बताया ISI जासूस

वैशाखी के मौके पर ननकाना साहिब में दर्शनों के लिए गई होशियारपुर की किरण बाला ने अचानक आमना बीवी बन कर सबको चौंका दिया है. किरण बाला के ससुर तरसेम सिंह ने कहा है कि वह अक्सर अपने मोबाइल फोन पर फेसबुक और व्हाट्सऐप में व्यस्त रहती थी. वह अक्सर अनजाने लोगों से फोन पर बात करती रहती थी.

परिवार के सदस्य जब उसे पूछते थे वह कह कर टाल देती थी कि वह रिश्तेदार से बात कर रही है. किरण बाला के ससुर तरसेम सिंह को शक है कि वह पाकिस्तान की कुख्यात जासूसी एजेंसी आईएसआई का शिकार हो गई है और हो सकता है वह पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रही हो. 32 साल की किरण बाला 10 अप्रैल 2018 को पाकिस्तान के लिए निकली थी.

PAK पहुंचते ही किरण बन गई आमना, परिवार ने बताया ISI जासूस  kiran bala may be pakistan intelligence agency isi spy punjab police   kiran bala, pakistan intelligence agency, isi spy, punjab police   वैशाखी के मौके पर ननकाना साहिब में दर्शनों के लिए गई होशियारपुर की किरण बाला ने अचानक आमना बीवी बन कर सबको चौंका दिया है. किरण बाला के ससुर तरसेम सिंह ने कहा है कि वह अक्सर अपने मोबाइल फोन पर फेसबुक और व्हाट्सऐप में व्यस्त रहती थी. वह अक्सर अनजाने लोगों से फोन पर बात करती रहती थी.  परिवार के सदस्य जब उसे पूछते थे वह कह कर टाल देती थी कि वह रिश्तेदार से बात कर रही है. किरण बाला के ससुर तरसेम सिंह को शक है कि वह पाकिस्तान की कुख्यात जासूसी एजेंसी आईएसआई का शिकार हो गई है और हो सकता है वह पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रही हो. 32 साल की किरण बाला 10 अप्रैल 2018 को पाकिस्तान के लिए निकली थी.  किरण बाला बच्चों को यह कहकर गई थी कि वह दर्शन करके घर वापस आ जाएगी. वह एक विधवा है और अपने पीछे तीन बच्चे इंद्रजीत कौर, अर्जुन सिंह और गुरमीत सिंह को छोड़ गई है. तरसेम सिंह ने अपनी बहू को एसजीपीसी के अधिकारियों के सुपुर्द किया था. उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वह उसकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेते हैं. वापिस घर लाएंगे.  किरण बाला के पति नरेंद्र सिंह की नवंबर 2013 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. पति की मौत के बाद वह हिमाचल प्रदेश में एक बिस्कुट फैक्टरी में काम करने लगी. लेकिन उसे भी कुछ टाइम बाद छोड़ दिया. इसके बाद घर से ही सिलाई कढ़ाई का काम करके गुजर बसर कर रही थी. अचानक वह गुमसुम रहने लगी. उसकी दुनिया मोबाइल तक सिमट गई.  तरसेम सिंह ने बताया, 'मुझे फेसबुक और व्हाट्सऐप चलाना नहीं आता है. परिजन बताते रहते थे कि किरण इंटरनेट पर व्यस्त रहती थी. उसने हमें अपनी शादी के बारे में कभी नहीं बताया. वह कैसे और कब एक पाकिस्तानी के संपर्क में आई. हमें कोई जानकारी नहीं है. लेकिन हो सकता है कि वह फेसबुक के जरिए उससे मिली हो.'  ननकाना साहब में गायब होने वाली किरण बाला पंजाब की पहली श्रद्धालु नहीं है. इससे पहले अप्रैल 2015 में सुनील सिंह अपनी पत्नी और बच्चों से दो बच्चों सहित ननकाना साहिब में अचानक गायब हो गया था. वह फरीदकोट का रहने वाला था और आज तक वापस नहीं लौटा. सूत्रों के मुताबिक वह पाकिस्तान का जासूस था. इस वक्त वहीं पर है.  बताते चलें कि कि पाकिस्तान की आईएसआई न केवल खूबसूरत महिलाओं के जरिए बल्कि खूबसूरत मर्दों के जरिए भी अपना जाल फैला रही है. किरण बाला आईएसआई की इसी नई स्ट्रेटेजी का शिकार हो गई लगती है. पिछले साल अक्टूबर 12 अक्टूबर 2017 को जालंधर पुलिस ने 57 साल के एहसानुल हक नामक के पाकिस्तान जासूस को गिरफ्तार किया था.  उसने बाकायदा जालंधर में एक सिख महिला से शादी कर के वहां पर एक जमीन भी खरीद लिया था. पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने हाल ही मोगा में पाकिस्तान के एक जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. बीते रविवार को रोहतक पुलिस ने भी गौरव शर्मा नाम के एक व्यक्ति को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है.  सूत्रों के मुताबिक आईएसआई सोशल मीडिया के जरिए बेरोजगार युवाओं को बरगला रही है. उन्हें पैसों का लालच देकर उनसे जासूसी करवा रही है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों और पंजाब पुलिस किरण बाला के फेसबुक अकाउंट और मोबाइल फोन की डिटेल्स को खंगाल रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि वह कब से आईएसआई के लिए काम कर रही थी.

किरण बाला बच्चों को यह कहकर गई थी कि वह दर्शन करके घर वापस आ जाएगी. वह एक विधवा है और अपने पीछे तीन बच्चे इंद्रजीत कौर, अर्जुन सिंह और गुरमीत सिंह को छोड़ गई है. तरसेम सिंह ने अपनी बहू को एसजीपीसी के अधिकारियों के सुपुर्द किया था. उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वह उसकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेते हैं. वापिस घर लाएंगे.

किरण बाला के पति नरेंद्र सिंह की नवंबर 2013 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. पति की मौत के बाद वह हिमाचल प्रदेश में एक बिस्कुट फैक्टरी में काम करने लगी. लेकिन उसे भी कुछ टाइम बाद छोड़ दिया. इसके बाद घर से ही सिलाई कढ़ाई का काम करके गुजर बसर कर रही थी. अचानक वह गुमसुम रहने लगी. उसकी दुनिया मोबाइल तक सिमट गई.

तरसेम सिंह ने बताया, ‘मुझे फेसबुक और व्हाट्सऐप चलाना नहीं आता है. परिजन बताते रहते थे कि किरण इंटरनेट पर व्यस्त रहती थी. उसने हमें अपनी शादी के बारे में कभी नहीं बताया. वह कैसे और कब एक पाकिस्तानी के संपर्क में आई. हमें कोई जानकारी नहीं है. लेकिन हो सकता है कि वह फेसबुक के जरिए उससे मिली हो.’

ननकाना साहब में गायब होने वाली किरण बाला पंजाब की पहली श्रद्धालु नहीं है. इससे पहले अप्रैल 2015 में सुनील सिंह अपनी पत्नी और बच्चों से दो बच्चों सहित ननकाना साहिब में अचानक गायब हो गया था. वह फरीदकोट का रहने वाला था और आज तक वापस नहीं लौटा. सूत्रों के मुताबिक वह पाकिस्तान का जासूस था. इस वक्त वहीं पर है.

बताते चलें कि कि पाकिस्तान की आईएसआई न केवल खूबसूरत महिलाओं के जरिए बल्कि खूबसूरत मर्दों के जरिए भी अपना जाल फैला रही है. किरण बाला आईएसआई की इसी नई स्ट्रेटेजी का शिकार हो गई लगती है. पिछले साल अक्टूबर 12 अक्टूबर 2017 को जालंधर पुलिस ने 57 साल के एहसानुल हक नामक के पाकिस्तान जासूस को गिरफ्तार किया था.

उसने बाकायदा जालंधर में एक सिख महिला से शादी कर के वहां पर एक जमीन भी खरीद लिया था. पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने हाल ही मोगा में पाकिस्तान के एक जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. बीते रविवार को रोहतक पुलिस ने भी गौरव शर्मा नाम के एक व्यक्ति को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है.

सूत्रों के मुताबिक आईएसआई सोशल मीडिया के जरिए बेरोजगार युवाओं को बरगला रही है. उन्हें पैसों का लालच देकर उनसे जासूसी करवा रही है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों और पंजाब पुलिस किरण बाला के फेसबुक अकाउंट और मोबाइल फोन की डिटेल्स को खंगाल रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि वह कब से आईएसआई के लिए काम कर रही थी.

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