पहाड़ी संस्कृति को लेकर हुआ कार्यक्रम, कई समाजसेवी रहे मौजूद

पहाड़ की बात की जाए तो यहां पर खासा महत्व संस्कृति दिया जाता है. आय दिन पहाड़ के संस्कृति को लोगों के सामने लाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है इसी कड़ी में रविवार को भी पहाड़ी संस्कृति को लेकर एक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. रविवार को उत्तरैणी मकरैणी राष्ट्रीय महापर्व सम्मान दिवस मनाया गया. इस सम्मान दिवस में पहाड़ी लोगों के साथ और भी कई लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. इस दिवस में सभी लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया. राजधानी दिल्ली के गढवाल भवन में इस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया.

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कार्यक्रम की बात की जाए तो यहां पर समाजसेवी और प्रदेश सहसंयोजक प्रवासी प्रकोष्ट उत्तराखंड बीजेपी के कार्यकर्ता उमाशंकर शर्मा के साथ साथ प्रदेश संयोजक प्रवासी प्रकोष्ट गिरीश बलूनी ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. उमाशंकर शर्मा के बारे में बताया जाए तो यह बीजेपी के साथ जुड़कर और एक समाजसेवी के तौर पर लोगों की मदद करते हैं. इसके साथ ही पहाड़ की संस्कृति को लोगों के सामने लाने में भी बेहतर काम करते हैं. पहाड़ की संस्कृति को बढ़ावा देना और अलग अलग तब्के के लोगों के पास पहाड़ी संस्कृति को पहुंचाने के काम उमाशंकर शर्मा द्वारा किया जाता है. भयात एनजीओ के जरिए आयोजित कार्यक्रम में उमाशंकर दायित्व उम्दा तरीके से निभाया. कार्यक्रम को आयोजित कराने वाले भयात एनजीओ के अध्यक्ष रोशनी चमोली और सूरज रावत भी यहां रहे. उनका योगदान यहां पर काफी सहारनीय रहा. कार्यक्रम में समाजसेवी गिरीश बलूनी ने भी लोगों को पहाड़ की संस्कृति के बारे में  अधिक जानकारी दी. उन्होंने लोगों को बताया कि पहाड़ की संस्कृति के लिए उनकी तरफ से क्या क्या कार्य किया जा रहा है.

कार्यक्रम में पहाड़ी संस्कृति की काफी झलकियां दिखाई दी. यहां लोगों के सम्मान और संस्कृति काफी अच्छी तरह से प्रकाशित की गई. पहाड़ के कई नामचिन्ह लोगों के चेहरे दिखाई दिए. दिल्ली एनसीआर से भी कई नाहमी चेहरों ने यहां बढ-चढकर अपनी भागीदारी दर्ज कराई. कार्यक्रम में पहाड़ी संस्कृति को सामने लाने के लिए छोटे बच्चों में खासा उत्साह दिखा. उत्तरैणी प्रोग्राम में कई सारे गीतों को भी प्रकाशित किया गया. यहां सभी गीत इस कदर लोगों के सिर चढ़ चुके थे, जिन्होंने सभी लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया. गीतों के साथ-साथ यहां छोटे बच्चों का नाच आकर्षण का केंद्र बन गया. उत्तरैणी मकरैणा राष्ट्रीय महापर्व सम्मान दिवस में जाने माने चेहरों के साथ कई कवियों मे भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.

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