जनवरी 18, 2022

44 करोड़ बच्चों को वैक्सीन देने का खाका तैयार, बोले कोविड पैनल के प्रमुख

ओमिक्रॉन के उभरते खतरे के बीच कोविड-19 टॉस्क फोर्स के प्रमुख डॉ. एनके अरोरा ने कहा कि अगले दो हफ्तों में कोरोना वैक्सीन की बूस्टर या अतिरिक्त डोज देने के बारे में व्यापक नीति का ऐलान किया जाएगा.

नई दिल्ली: children vaccination india : देश में कोरोना वैक्सीन की 121 करोड़ से ज्यादा डोज देने के बाद अब बच्चों को टीका देने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. कोविड पैनल के प्रमुख ने इसका संकेत देते हुए कहा है कि देश में 44 करोड़ बच्चों के वैक्सीनेशन का खाका तैयार हो चुका है. कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट (B.1.1.529) के संक्रमण के खतरे के बीच यह सुखद खबर सामने आई है. दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के इस बेहद संक्रामक वैरिएंट का पहला केस सामने आया था.

ओमिक्रॉन (Omicron Variant) के उभरते खतरे के बीच कोविड-19 टॉस्क फोर्स के प्रमुख डॉ. एनके अरोरा ने कहा कि अगले दो हफ्तों में कोरोना वैक्सीन की बूस्टर या अतिरिक्त डोज देने के बारे में व्यापक नीति का ऐलान किया जाएगा. साथ ही 44 करोड़ बच्चों के बीच वैक्सीनेशन शुरू करने की योजना भी तैयार कर ली गई है. नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (NTAGI) बूस्टर डोज को लेकर अगले कुछ दिनों में व्यापक नीति सामने ला सकता है.

यह पॉलिसी बताएगी कि किसे वैक्सीन की जरूरत होगी और यह कैसे और कब होगी.डॉ. अरोरा ने कहा कि अब नए वैरिएंट के संदर्भ में देखना होगा कि इसके बारे में कैसी क्या जानकारी मिलती है. ऐसे में तभी हम मौजूदा वैक्सीन के इस वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी होने के बारे में ज्यादा स्पष्टता से कुछ कह पाएंगे.

अरोरा ने कहा कि बूस्टर डोज (Booster Dose) और अतिरिक्त डोज में फर्क है. बूस्टर डोज दो मुख्य खुराक के बाद एक पहले से निश्चित समय पर दी जाती है. जबकि अतिरिक्त खुराक या डोज उन लोगों को दी जाती है, जिनकी प्रतिरोधी क्षमता कमजोर हो गई हो. अगर किसी व्यक्ति की प्रतिरोधी क्षमता ठीक नहीं है तो उसे अतिरिक्त डोज दी जा सकती है.