कुछ संक्रमित मरीजों के वीर्य में वायरस पाए जाने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को कहा कि वह पता लगा रहा है कि मंकीपॉक्स कहीं यौनाचार से फैलने वाला वायरस तो नहीं है। कोई वायरस आमतौर पर वीर्य और योनि के तरल पदार्थ के माध्यम से फैल सकता है। डब्ल्यूएचओ ने पहले कहा था कि वायरस आमतौर पर घावों, शरीर के तरल पदार्थ, श्वसन बूंदों और बिस्तर साझा करने यानी निकट संपर्क से फैलता है।

डब्ल्यूएचओ ने पुष्टि किए गए रोगियों को रक्त, कोशिकाओं, ऊतक, अंगों, स्तन के दूध या वीर्य का दान नहीं करने की चेतावनी दी है।

वैश्विक स्वास्थ्य निकाय इस अवधारणा पर कायम है कि वायरस का प्रकोप उन पुरुषों में अधिक देखा जाता है जो अन्य पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं।

इस महीने की शुरुआत में यूरोसर्विलांस जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में इटली में मंकीपॉक्स के चार मामलों का विवरण प्रस्तुत किया। ये ऐसे मामले हैं, जिनमें वीर्य द्रव में वायरस होने का पता चला था।

जर्मनी में इसी तरह के एक अध्ययन में मंकीपॉक्स के रोगियों के वीर्य में वायरल डीएनए का भी पता चला। इससे निष्कर्ष निकला कि एक रोगी के वीर्य में पाया जाने वाला वायरस दूसरे व्यक्ति को संक्रमित करने में सक्षम था।

डब्ल्यूएचओ/यूरोप में मंकीपॉक्स की घटना प्रबंधक कैथरीन स्मॉलवुड ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि रिपोर्ट इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई कि मंकीपॉक्स वायरस यौन संचारित हो सकता है।

मंकीपॉक्स के अलावा, जीका जैसी अन्य बीमारियां हैं, जिसका वायरस वीर्य में पाए गए था, लेकिन इसे यौन संचारित रोग के रूप में स्थापित नहीं किया जा सका।

वैश्विक स्वास्थ्य निकाय के अनुसार, मंकीपॉक्स ने अब तक स्थानिक और गैर-स्थानिक दोनों देशों में 2,821 लोगों को प्रभावित किया है।

डब्ल्यूएचओ ने 8 जून तक 28 गैर-स्थानिक देशों में, विशेष रूप से यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में मंकीपॉक्स के कुल 1,285 मामलों की सूचना दी है।

कैमरून, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, कांगो और लाइबेरिया, जहां मंकीपॉक्स स्थानिक है, सहित लगभग आठ अफ्रीकी देशों में 1,536 संदिग्ध मामले और 59 पुष्ट मामले सामने आए हैं।

जबकि गैर-स्थानिक देशों से आज तक मंकीपॉक्स से मौत की कोई खबर नहीं आई है, स्थानिक अफ्रीकी देशों ने जनवरी से 8 जून तक मंकीपॉक्स से 72 मौतें दर्ज की हैं।

डब्ल्यूएचओ 23 जून को एक बैठक के लिए भी सहमत हो गया है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि अफ्रीका में पारंपरिक स्थानिक क्षेत्रों के बाहर मौजूदा मंकीपॉक्स का प्रकोप पहले से बढ़ा है या कम हुआ है।

अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य निकाय मंकीपॉक्स वायरस का नाम बदलने पर भी विचार कर रहा है।

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