‘अगले साल नहीं होगा ऐसा प्रदूषण’

भारत की राजधानी दिल्ली में बढ़ते स्मॉग और प्रदूषण पर आरोप प्रत्यारोप का दौरा खत्म हो चुका है। दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच एक बैठक हुई, जिसमें बढ़ते प्रदूषण और स्मॉग पर लगाम लगाने का रास्ता निकाला गया। किसानों को पराली जलाने से रोका जाएगा और साथी साथ औद्योगिक वाहनों द्वारा हो रहे प्रदूषण पर रोक लगाने का काम सबसे पहले किया जाएगा। दिल्ली हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने इस समस्या का बिल्कुल सटीक तोड़ निकाला है।

मुख्यमंत्री आवास पर लगभग दो घंटे तक चली दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक में कुछ हम फैसले लिए गए। बैठक में वायु प्रदूषण के साथ साथ कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। दिल्ली सरकार ने दिल्ली में बढ़े वायु प्रदूषण की वजह हरियाणा के किसान द्वारा पारली जलाने को बताया था। हरियाणा ने दिल्ली सरकार किसान को गलत साबित करके हरियाणा में पराली जलाने के मामले आधे हो चुके हैं। जिसे कुछ हद तक ही दिल्ली की हवा में प्रदूषण फैलता है। लेकिन इस की सबसे बड़ी-बड़ी वजह औद्योगिक क्षेत्र और वहनों को बताया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा की गई बात दिल्ली के मुख्यमंत्री सहमति जताई, उन्होंने कहा है कि वाहनों और उद्योगों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए हमें सीएनजी से चल रहे वाहनों को बढ़ावा देने का काम सबसे पहले करना होगा। पूरे प्रदेश में पराली जलाने की मामले आधे से भी कम हो गए हैं।

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि तो साल से दिल्ली में प्रदूषण और स्मॉग समाचार पड़ती ही जा रही है। यह एक वास्तविक समस्या है इस समस्या का समाधान जल्द ही निकाला जाएगा। नाश्ते पर उचित कदम भी उठा जाएंगे। वायु प्रदूषण को देखते हुए इस समस्या से जल्द ही कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए पुराने वाहन को बंद किया जाएगा और सीएनजी से चल रहे वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। रोडवेज बस कि बेडे में शामिल होने वाली 500 बसे सीएनजी से चलेंगी।

 

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