हाईकोर्ट ने क्लर्कों की भर्ती के परिणाम पर लगाई रोक: हरियाणा

पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच ने हरियाणा बिजली वितरण निगम में 447 अपर डिवीजन क्लर्क की भर्ती परिणाम पर रोक लगा दी है. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश भी दिया है.

इससे पहले भी हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की 230 अपर डिवीजन क्लर्क की भर्ती को रद्द कर दिया था और इसे नए सिरे से भर्ती करने के आदेश दिए थे. लेकिन हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच से इन आदेशों पर भी रोक लगा दी और कहा कि केवल एक निगम की भर्ती को रद्द नहीं किया जा सकता है.

सरिता शर्मा ने सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग नए साल 2016 में हरियाणा बिजली वितरण निगम में 447 अपर डिवीजन क्लर्क की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था. इन सभी भर्तियों के लिए एक ही विज्ञापन निकाला और एक ही परीक्षा आयोजित की गई थी. कमीशन ने रिजल्ट घोषित किया तो उसे दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए दो अलग-अलग मेरिट लिस्ट तैयार कर दी लेकिन विज्ञापन मैच का कोई उल्लेख नहीं था कि दोनों की मेरिट लिस्ट अलग अलग होगी.

इसके बाद इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की गई. इन सभी अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस महेश दुबे की खंडपीठ ने कहा के एक ही विज्ञापन और एक ही परीक्षा के जरिए दोनों भर्तियां की जा रही थी और दोनों की मेरिट अलग अलग बनाने से दोनों भर्तियों पर फर्क पड़ रहा है तो केवल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की भर्ती को रद्द करना सही नहीं होगा. अब ऐसे में हाई कोर्ट ने उत्तर और दक्षिण दोनों बिजली निगमों की भर्ती के परिणाम पर रोक लगा दी है.

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