तीन देशों का दौरा: ऐतिहासिक दौरे पर फिलिस्तीन पहुंचेंगे पीएम मोदी

3 देशों के दौरे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सबसे पहले शनिवार को फिलिस्तीन पहुंच चुके हैं. यह पहला मौका होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री फिलिस्तीन की यात्रा पर होगा. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा भारत फिलिस्तीन का समर्थन करता रहा है. इससे पहले साल 2015 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी फिलिस्तीन की यात्रा पर गए थे. उनके यात्रा पर जाने के बाद फिलिस्तीन में 3 करोड़ की परियोजनाओं का काम शुरू किया गया था. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान स्वास्थ्य, सूचना, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, खेल और कृषि के क्षेत्र में बातचीत की जाएगी. इससे पहले यरुशलम को इजराइल की राजधानी घोषित करने के खिलाफ भारत ने संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग की थी.

अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद अब्बास से मुलाकात करने वाले हैं. दोनों के बीच में फिलिस्तीन के विकास को लेकर चर्चा होगी इस मामले में विदेश मंत्रालय की तरफ से यह बताया गया है, की पीएम मोदी की यात्रा पर भारत सरकार की ओर से इजराइल फिलिस्तीन संबंधों पर रुख साफ किया गया है. विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है की दोनों देशों के साथ भारत के संबंध विशेष और स्वतंत्र हैं. भारत की तरफ से यह संदेश भी दिया गया है की सृष्टि और इजरायल अपने झगड़े को किसी बाहरी हस्तक्षेप से सुलझा सकता है. अभी कुछ वक्त पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत छह दिवसीय दौरे पर आए थे. पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इजरायल यात्रा के लिए गए थे, लेकिन तब वह फिलिस्तीन नहीं गए थे. इसलिए पीएम मोदी की इस दिन की यात्रा को इतिहासिक माना जा रहा है.

आपको बता दें की भारत दुनिया का पहला एक ऐसा देश था जिस ने फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन को मान्यता दी थी. जिसके बाद 1975 में दिल्ली के अंदर पहला (टीएलो) ऑफिस खुला था और साल 1980 में दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंधों की शुरुआत हो गई थी. भारत की तरफ से 18 नवंबर 1928 को पूर्ण राज्य के दर्जे की मान्यता फिलिस्तीन टीम को दे दी गई थी. 1974 से ही दोनों देशों के बीच संबंधों की शुरुआत हो चुकी थी और उस समय इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थी.

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