पिलरों परअब ‘पाकिस्तान’ को मिटाकर, ‘भारत-बांग्लादेश’ लिखा जाएगा

16 दिसंबर,1971 में एशिया के मानचित्र में एक बदलाव भारत ने लाया था. पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने भारत मित्र वाहिनी के सामने ढाका के रेसकोर्स मैदान में आत्म समर्पण किया था. इस दिन के एक नये राष्ट्र बांग्लादेश का जन्म हुआ था. प्रति वर्ष भारत-बांग्लादेश के सीमांत इलाके में दोनों देश के सुरक्षा वाहिनी विजय दिवस बड़े धूमधाम से मनाते थे.

नवाबगंज जिला के भोलाहाट के सीमावर्ती क्षेत्रों के पिलर पर इतना समय गुजरने के बाद भी बांग्लादेश के 12 पिलरों पर पाकिस्तान लिखा हुआ है. इसपर किसी की नजर नहीं गयी, अब जब सब कि आंखों में आ गया है, तो इस पिलर पर लिखे नाम को मिटाने का निर्णय लिया गया है. इन 12 पिलरो पर ‘पाकिस्तान’ का नाम हटाकर ‘भारत-बांग्लादेश’ लिखा जाएगा. बांग्लादेश के बीजीबी के 59 बटालियन के तरफ से पाकिस्तान लिखे पिलरों को बदला जाएगा. पिलर पर पाकिस्तान के जगह भारत-बांग्लादेश लिखा जाएगा.

इसे लेकर भारत के बीएसएफ जवान के अधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी है. 16 दिसंबर के भीतर पिलर पर नाम बदलने का काम पूरा हो जाएगा. नवावगंज जिला के भोलाहाट सीमांत के चानशिकारी इलाके 198 नंबर के मुख्य पिलर 2, 3, व 4 नंबर स्तंभ तथा 199 नंबर के 2, 4, व 6 नंबर स्तंभ , 201 नंबर मुख्य पिलर के स्तंभ को बदला जाएगा. पिलर पर नाम बदलने का नाम बदलने का काम शुरू हो गया है.

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