चारबाह बंदरगाह की शुरुआत, भारत के लिए महत्वपूर्ण

ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी रविवार 3 दिसंबर को चाबहार बंदरगाह के 5वें चरण का उद्घाटन करेंगे। इस उद्घाटन के दौरान भारत और अफगानिस्तान प्रतिनिधि भा वहां पर मौजूद होंगे। यह चाबहार बंदरगाह भारत और अफगानिस्तान के बीच एक नया पारगमन रास्ता खोलेगा। गुजरात के कांडला बंदरगाह एंव चाबहार बंदरगाह के बीच की दूरी। मुंबई से नई दिल्ली के बीच की दूरी से भी कम है।

Chabahar Port

इस बंदरगाह के जरिए भारत बिना पाकिस्तान जाए ही अफगानिस्तान, रुस और यूरोप से जुड़ सकेगा। इससे पहले भारत को अफगानिस्तान जाने के लिए पाकिस्तान के रास्ते जाना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस बंदरगाह के होने से अब ट्रांसपोर्ट लागत और समय में कमी आएगी।

आपको बता दें की चारबाह बंदरगाह दुनिया का ऐसा बंदरगाह जिसे विकसित करने में भारत की सीधी भागीदारी रही है। ईरान विदेश मंत्रालय ने कहा की यह बहुत महत्वपूर्ण बंदरगाह है और यह इस लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके सहारे मध्य एशियाई देश ओमान और हिंद महासागर के रास्ते के दूसरे देशों से जुड़ सकेगे।

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