उत्तर प्रदेश: आतंकी हाफिज सईद की रिहाई पर लखीमपुर खीरी में जश्न

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मोस्ट वांटेड हाफिज सईद की रिहाई पर बीते दिन जश्न मनाया गया। यहां पर हाफिज सईद की रिहाई पर जश्न मनाने के साथ ही शहर में कई जगह के साथ आरएसएस के कार्यकर्ता के घर के सामने हरे रंग के झंडे भी लगाए गए। मामला तूल पकडने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर झंडों को उतरवाया। एक आरएसएस कार्यकर्ता के घर के सामने हरे झंडे लगाए जाने के बाद विवाद और भी बढ़ गया।

hafiz saeed

झंडा उतरवाने के लिए कुछ लोग आगे बढ़े लेकिन झंडा लगाने वाला पक्ष सामने आ गया। दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई। विवाद बढऩे पर पूरे मामले की सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर झंडे उतरवाए। आरोप यह भी है कि रात में आतंकी हाफिज सईद के समर्थन में एक धार्मिक स्थल के पास आतिशबाजी की गई और जमकर नारेबाजी भी हुई।

इस मामले गंभीरता को देखते हुए डीएम आकाशदीप ने जांच के निर्देश दे दिए हैं। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। परसों यह विवाद दोपहर बाद उस समय बढ़ा जब बेगमबाग और लक्ष्मीनगर मुहल्ले के कुछ हिस्से में हरे झंडे लगाए जाने लगे। इसके बाद शाम को आरएसएस कार्यकर्ता के घर के सामने लगे झंडों को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

आरएसएस कार्यकर्ता ने मुहल्ले के लोगों के साथ मिलकर इस पर एतराज जताया और झंडा लगने के कारणों के बारे में लोगों से पूछताछ की। पता चला कि हरे झंडे पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद की वहां के सुप्रीम कोर्ट से रिहाई के बाद खुशी में झंडे लगाए गए हैं। इस पर हंगामा शुरू हो गया।

आरएसएस कार्यकर्ता ने पूरे मामले की सूचना भाजपा के कुछ नेताओं को दी। जिसके बाद सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और लगाए गए झंडों को उतरवा दिया। शहर कोतवाल अशोक कुमार पांडे ने बताया कि झंडे लगाए जाने की शिकायत उनको मिली थी जिस पर वह मौके पर भी गए थे। झंडे उतरवा कर लोगों को दोबारा ऐसा न करने की हिदायत दी गई है।

मामले की जांच जारी है। जिलाधिकारी आकाशदीप ने कहा कि इस तरह की सूचना मिली थी कि शहर के एक इलाके में कुछ लोगों ने हाफिज सईद की रिहाई पर हरे झंडे लगाए हैं। तत्काल पुलिस को पूरे मामले की जांच के लिए भेजा गया। पुलिस की रिपोर्ट आते ही इसमें जो भी दोषी होगा उस पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

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