सितारगंज: फैक्ट्री में हो रहा मजदूरों का शोषण

सितारगंज सिडकुल की आरोन हेलमेट प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में सैकड़ों मजदूरों ने फैक्ट्री के सामने धरना प्रदर्शन किया है. फैक्ट्री प्रबंधन पर लगाया मजदूरों के शोषण का आरोप एक दिन छुट्टी हो जाने पर प्रबंधन काट रहा दो दिन के पैसे. वर्षो से कार्यरत मजदूरों को नहीं मिला कभी पीएफ न ही कंपनी ने किया नियमित. 36 घंटो तक कराया जाता है मजदूरों से काम.

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सितारगंज स्थित सिडकुल की फैक्ट्री में कार्यरत वर्करों का फैक्ट्री प्रबंधकों द्वारा लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है. सिडकुल स्थित आरोन हेलमेट प्रा०लि० फैक्ट्री में कार्यरत लगभग 250 वर्करों ने फैक्ट्री गेट पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और धरना भी दिया.

वर्करों का कहना है की वह आरोन हेलमेट फैक्ट्री में वर्षों से काम कर रहे है किसी को तीन साल हो गए तो वहीं किसी वर्कर को पांच साल और किसी को नौ साल से भी अधिक का समय फैक्ट्री में काम करते हो गया है. लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा उनको न तो परमानेंट किया गया और न ही उनके काम का उन्हें पूरा पैसा ही दिया गया. वही वर्षो से काम करने के बाद भी वह फैक्ट्री के नियमित (परमानेंट) वर्करों में शामिल नहीं है.

जिसके चलते उन्हें पीएफ का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है. वही अब फैक्ट्री प्रबंधन ने अब नया रूल बना दिया है की जो वर्कर बिना बताये एक दिन की छुट्टी कर लेता है उसकी दो दिन की सैलरी काट दी जाती है. जो दो दिन नहीं आता उसकी तीन दिन की मजदूरी नहीं मिलती. वही फैक्ट्री प्रबंधन उनसे 8 घंटे की बजाय 36 घंटो तक काम करवाती है. जिसका उन्हें पूरा पैसा भी नहीं दिया जाता है. वर्करों का उत्पीड़न ऐसे कब तक होता रहेगा. जिसके विरोध में वह लोग आज धरना प्रदर्शन कर रहे है उनकी मांग है की उन्हें नियमित (परमानेंट) किया जाये उनकी सैलरी बढ़ाई जाये उनसे 8 घंटे ही काम लिया जाये और जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जाएगी और वर्करों का उत्पीड़न बंद नहीं होगा वह लोग काम नहीं करेंगें.

वही फैक्ट्री एकाउंट मैनेजर का कहना है की वर्कर बिना बताये छुट्टी पर चले जाते है जिससे उनका काम प्रभावित होता है. इसलिए ऐसा नियम बनाया गया था लेकिन उसे समाप्त कर दिया गया है. भविष्य में ऐसा नहीं किया जायेगा और वर्करों की सभी मांगों को मान लिया गया है.

जनहित खबर के लिए चरन सिंह की रोपोर्ट 

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