देश के सभी बैंकों ने लिया एकमत फैसला

देश के हर एक बैंक ने एक नया नियम लागू किया है। इस नियम के तहत अगर आप 50 हजार से ऊपर का कोई भी ट्रांजैक्शन करते हैं तो आपको अपना बायोमेट्रिक पहचान देना होगा। इससे पहले सिर्फ पैसे जमा कराने पर ही आपको अपना पैन नंबर जमा कराना होता था। लेकिन अब मनी लॉन्ड्रिंग और कालेधन के इस लड़ाई में यह फैसला अहम माना जा रहा है।

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नोटबंदी के दौरान ऐसी खबरें आई थी कि कुछ लोग बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर अपने काले धन को सफेद कर रहे हैं। इसके अलावा देश के कई बड़े बैंकों का नाम भी आया था। काले धन को सफेद कराने में कई राजनीतिक दल भी शामिल थे। इसके अलावा वकील और देश के कई चार्टर्ड अकाउंटेंट भी इस खेल में शामिल थे। ऐसे में माना जा रहा है कि अब बायोमेट्रिक देने से कहीं ना कहीं कालेधन में कमी आएगी। इस फैसले से आम नागरिकों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। एक बड़े बैंक अधिकारी के मुताबिक यह फैसला बहुत पहले से लागू था। लेकिन लोगों को इसके बारे में पता नहीं था ऐसे में लाजमी है। आम लोगों के बीच एक असमंजस का माहौल बना हुआ है।

आपको बता दें कि नोटबंदी के दौरान सरकार ने 16 हजार करोड़ का कालाधन जब्त किया था। जिसके आंकड़े वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के करीब 8 महीने बाद दिए थे। इस सब के बाद विपक्षी पार्टियों ने केंद्र पर एक बार फिर से हमला बोला था। विपक्षियों की तरफ ने नोटबंदी को पूरी तरह से फेल बताया गया था। यहां तक की पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के कारण भारत की जीडीपी में दो पर्सेंट तक की गिरावट होने का अनुमान लगाया था। पूर्व पीएम की तरफ से कहा गया था कि अगर नोटबंदी होती है तो भारत की जीडीपी काफी गिर जाएगी लेकिन उस वक्त बीजेपी की तरफ से कहा गया था कि मनमोहन सिंह ऐसे व्यक्ति हैं जोकि बाथरूम में रैनकोर्ट पहन कर नहाते हैं।

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