कर्नाटक घमासान: अभी भी आसान नहीं है कुमारस्वामी के लिए फ्लोर टेस्ट

कर्नाटक में कांग्रेस ने जनता दल (सेक्युलर) के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की जीत में बाधा डाल दी है. विजय रथ पर सवार बीजेपी ने सबसे ज्यादा सीटें तो जीत ली पर सरकार नहीं बना सकी. जिसके बाद अब जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला है. हालांकि बहुमत के बवंडर से निकलना उनके लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

15 मई को नतीजे घोषित होने के बाद से कर्नाटक की जो सियासी घमासान मचा वो कुमारस्वामी के लिए अच्छे संकेत नहीं दे रहा है. चार दिनों तक बहुमत साबित करने में लगी हुई बीजेपी से कांग्रेस अपने विधायकों को बचाने में लगी रही. कांग्रेस और जेडीएस को अपने विधायकों को बचाने के लिए बेंगलुरु के रिजॉर्ट का आसरा लेना पड़ा. लेकिन हालात को देखते हुए सभी विधायकों को हैदराबाद भेजना पड़ा.

आपको बता दें कि 19 मई को बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा को विधानसभा में बहुमत साबित करना था. लेकिन इससे पहले विधानसभा सत्र का हिस्सा बनने के लिए दोनों पार्टियां अपने विधायक लेकर पहुंची. जिसके बाद कांग्रेस के 78 में से दो विधायक घंटों तक गायब रहे जोकि चर्चा में लगातार बने रहे और लोगों को असमंजस की स्थिति में डाले रखा. दूसरी तरफ सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस-जेडीएस विधायकों से विधानसभा में लंच के दौरान ही समर्थन के लिए बातचीत होनी थी, क्योंकि वह नतीजे आने के बाद से ही छुपाकर रखे गए थे. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here