वैलेंटाइन डे स्पेशल: पढ़ें मिर्जा गालिब की प्यार भरी शायरियां

वैलेंटाइन डे नए दौर का इश्क और जश्न. इस दिन के लिए मशहूर उर्दू शायर मिर्ज़ा ग़ालिब ने कुछ ऐसी प्यार भरी शायरी कही है जो की लोगों के दिल और दिमाग में चस्पा हो गई हैं. मिर्जा गालिब द्वारा लिखी गई प्यार भरी शायरियों का इस्तेमाल लगातार टेलीविजन और बॉलीवुड पर किया जा रहा है. हर प्यार करने वाले जोड़े ने मिर्ज़ा ग़ालिब की इन शायरियों का इस्तेमाल अपनी जिंदगी में कभी न कभी किया ही होगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरियों में वह प्यार के बोल होते थे, जिन्हें सुनकर या पढ़कर प्यार करने वाले के दिल में खुद ब खुद प्यार जग जाता है.

मिर्ज़ा ग़ालिब अपने ही मस्ती में मसगूल रहने वाले शख्स थे. वह मदमस्त रहते थे और कभी किसी भी चीज की चिंता नहीं करते थे और हमेशा ही खुश रहते थे. उनकी लिखी गई शायरियां को बॉलीवुड में एक नए अंदाज के साथ पेश किया जाता है.

हम आपको मिर्जा गालिब के कुछ प्यार भरे शेर बताते हैं.

इश्क पर जो नहीं है यह वह आतिश ‘ग़ालिब’
कि लगाए न लगे और बुझाए ना बने

उनके देखे से जो आ जाती है मुंह पर रौनक
वह समझते हैं की बीमार का हाल अच्छा है

ये न थी हमारी किस्मत की विसाल-ए-यार होता
अगर और जीते रहते यही इंतजार होता

मोहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफिर पे दम निकले

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