साल 2018 का पहला सूर्य ग्रहण, जानें क्या है विशेष

साल 2018 का दूसरा और पहला सूर्य ग्रहण आज पडने वाला है. ग्रहण को देखने के लिए लोग उत्साहित दिखाई दे रहे हैं. ग्रहण को देखने के लिए लोग सोलर-व्युइंग ग्लासेस का इस्तेमाल करते हैं. तो दूसरी ओर ज्योतिषों के अनुसार ग्रहण को देखना अशुभ माना जाता है. ऐसा कहा जाता है की ग्रहण के समय खुले आसमान में नहीं रहा जाता और ना ही मंदिरों के कपाट खोले जाते हैं.

कहा जाता है की जिस वक्त ग्रहण पड़ता है उस वक्त भगवान पर कष्ट होता है. लेकिन विज्ञान में ग्रहण को मात्र खगोलीय घटना बताया गया है. इस खगोलीय घटना के दौरान सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक ही सीध में देखते हैं. साल 2018 का पहला सूर्य ग्रहण 15 फरवरी गुरुवार के दिन पढ़ रहा है.

पौराणिक कथाओं में कहा गया है की समुद्र मंथन के दौरान देवताओं और दानवों के बीच अमृत के लिए एक घमासान लड़ाई हुई. इस घमासान में अमृत देवताओं के खाते में आया लेकिन अमृत को देवताओं से दानवों ने छीन लिया था.

पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने के साथ-साथ अपने सौरमंडल के सूर्य के चारों और भी चक्कर लगाती है. चंद्रमा पृथ्वी का उपग्रह है और इस के चक्कर लगाता है. जिस वक्त चंद्रमा चक्कर लगाते-लगाते सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है तब पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है. इस घटना को ही सूर्य ग्रहण कहा जाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here