आखिर क्यों है खास तीन मूर्ति चौक जहां जा रहे हैं इजरायली प्रधानमंत्री

6दिवसीय दौरे के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आ रहे हैं. रविवार को भारत आने के बाद इजरायली प्रधानमंत्री सबसे पहले तीन मूर्ति स्मारक पर जाएंगे. जहां पर वह भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि भी देंगे. तीन मूर्ति चौक पर आने का इजरायली प्रधानमंत्री का अपना एक अलग महत्व है. इस स्मारक का इजराइल से संबंध है. इसके साथ ही तीन मूर्ति स्मारक का नाम अब इजरायल के एक शहर के नाम से रखा जाएगा. जिसका नाम हाइफा है. इसके बाद तीन मूर्ति स्मारक को हाइफा चौक के नाम से जाना जाएगा. इसके लिए दिल्ली नगर निगम ने नाम बदलने की मंजूरी पहले दे दी थी.

 

हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गई थी जिस वक्त देश अंग्रेजों के राज में था. अंग्रेजों ने हैदराबाद, जोधपूर, मैसूर रियायत की सेना को हाइफा पर कब्जा करने का निर्देश दे दिया था. ऐसे में भारतीय सैनिकों ने हाइफा में तुर्की की सेना का सामना किया था. यह लड़ाई उस वक्त हुई थी जिस वक्त जर्मनी और तुर्क साम्राज्य के बीच लड़ाइयां हो रही थी. जिसे सिनाई और फिलिस्तीन अभियान भी कहा जाता है. वही लड़ाई में तुर्की की तरफ से कई सारे हथियारों को इस्तेमाल किया जा रहा था लेकिन भारतीय सैनिकों ने मात्र तलवार के सहारे ही उन आधुनिक हथियारों पर विजय प्राप्त कर ली थी. लेकिन इस दौरान भारतीय सैनिक भी शहीद हो गए थे. जिनकी याद में ब्रिटिश सेना के कमांडर इन चीफ ने फ्लैग स्टाफ हाउस के नाम से एक रिहायशी भवन का निर्माण करवाया था. हर साल भारत में इन शहीदों को याद किया जाता है. जिस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल इजराइल गए थे तब भी उन्होंने इजरायल में बने स्मारकों पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी.

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