वंदे मातरम् विरोध: उपराष्ट्रपति ने कहा मां को नहीं तो क्या अफजल को सलाम करेंगे ?

भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने वंदे मातरम का विरोध करने वाले लोगों को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि मैं अक्सर देखता हूं ‘वंदे मातरम’ का विरोध कुछ लोग लगातार करते हैं. ‘वंदे मातरम’ का मतलब है, मां को सलाम करना. अगर हम लोग मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरु को सलाम करेंगे. गुरुवार को वेंकैया नायडू विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत अध्यक्ष अशोक सिंघल के बुक लॉन्चिंग इवेंट में शामिल हुए थे. अफजल गुरु संसद पर हुए हमले का मास्टरमाइंड रह चुका है, जिसे फांसी की सजा सुनाई गई थी.

वैंकेया नायडू ने कहा कि हिंदू कोई धर्म नहीं है, यह जिंदगी जीने का एक रास्ता हैं. यह एक बहुत बड़े स्तर पर फैली भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है. वैंकेया ने कहा कि हिंदू धर्म कई सालों से चली आ रही भारतीय संस्कृति और परंपरा है. इसमें लोगों के पूजा पाठ करने के तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन जीने का रास्ता एक ही है.

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने भाषण के अंत में कहा कि अशोक सिंघल हिंदुत्व के पक्षधर थे. उन्होंने देश की कई पीढ़ियों के लिए 75 साल का त्याग किया. आजादी की लड़ाई में सिंगल चाहते थे कि मुस्लिम भी बड़ी संख्या में इसमें शामिल हो. वह इकलौते ऐसे प्रचारक थे जिन्होंने सात दशक तक समाज के लिए काम किया था.

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