राजनीति की भूख के चलते वायरल कर दी महिलाओं की निर्वस्त्र फोटो

मात्र अपनी राजनीति चमकाने के लिए कोई इतना भयानक कदम उठा सकता है यह कि उसकी चारों तरफ से निंदा की जाए, ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता. मामला झारखंड का है. यहां एक आदिवासी नेता को राजनीति की भूख इतनी ज्यादा लगी कि उसने महिलाओं के शरीर से कपड़े उतार कर फोटो निकाल ली तथा उसे सोशल मीडियो पर वायरल कर दिया. मामला सामने आने के बाद आदिवासी समाज उस नेता पर केस भी दर्ज करने की तैयारी कर रहा है.

राजनीति की भूख के चलते वायरल कर दी महिलाओं की निर्वस्त्र फोटो  tribal leader use viral nude photo jharkhand womens photo for politics in dhanbad    tribal leader, use viral, nude photo, jharkhand women photo, politics, dhanbad      मात्र अपनी राजनीति चमकाने के लिए कोई इतना भयानक कदम उठा सकता है यह कि उसकी चारों तरफ से निंदा की जाए, ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता. मामला झारखंड का है. यहां एक आदिवासी नेता को राजनीति की भूख इतनी ज्यादा लगी कि उसने महिलाओं के शरीर से कपड़े उतार कर फोटो निकाल ली तथा उसे सोशल मीडियो पर वायरल कर दिया. मामला सामने आने के बाद आदिवासी समाज उस नेता पर केस भी दर्ज करने की तैयारी कर रहा है.   आदिवासी नेता का नाम रामाश्रय है जिसने दामोदर घाटी निगल की विस्थापित महिलाओं के साथ ऐसी हरकत की है. मामला सामने आने के बाद रामाश्रय के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया जा रहा है. मीडियो में चल  रही खबरों के अनुसार बात की जाए तो रामाश्रय ने 9 महिलाओं के अर्धनग्न तस्वीर निकाली है. जानकारी है कि रामाश्रय उन फोटो को पीएम मोदी और राष्ट्रपति को भेजने की तैयारी कर रहा था. खबरों के अनुसार महिलाओं ने अपने लिए इच्छामृत्यु की मांग की थी. तस्वीरों में सभी महिलाएं अपने लिए न्याय मांग रही हैं और वह हाथ जोड़ कर खड़ी हुई हैं. रामाश्रय ने यह तस्वीरें पीएम और राष्ट्रपति को प्रेस विज्ञप्ति के तौर पर सौंपी हैं.   सूत्रों के हवासे से जानकारी है कि महिलाओं ने अपनी यह फोटो इसलिए निकलाई क्योंकि यह फोटो राज्य सरकार को भेजी जाएंगी. लेकिन यह सभी तस्वीरें राज्य सरकार को भेजने के साथ सोशल मीडियो पर भी वायरल कर दी गई. फोटो के वायरल होने की बात जैसे ही गांव में गई तो वहां के लोगों में खासा रोष देखा गया है. फोटो वायरल होने के बाद पूरे राज्य में प्रदर्शन हो रहा है. झारखंड में हो रहे प्रदर्शन के बीच रामाश्रय के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की जा रही है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि जब महिलाओं के उनकी फोटो वायरल होने की बात पता लगी तो वह खासा नाराज हैं और वह इस सब पर धोखाधड़ी की बात कह रही हैं.   महिलाओं का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि उनकी फोटों को वायरल कर दिया जाएगा. दूसरी तरफ रामाश्रय का कहना है कि उसकी तरफ से यह फोटो सोशल मीडिया पर डालकर गलती की गई है. जिसके लिए वह माफी चाहता है. उसका कहना है कि सभी फोटो को हटा लिया गया है. उसका कहना है कि डीवीसी में नौकरी के लिए समाज 50 से ज्यादा सालों से संघर्ष में लगा हुआ है लेकिन सरकार का ध्यान इस तरफ नहीं जाता है. आपको बता दें कि नौकरी पाने के लिए आदिवासी महिलाओं ने निर्वस्त्र होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन भी किया था.

आदिवासी नेता का नाम रामाश्रय है जिसने दामोदर घाटी निगल की विस्थापित महिलाओं के साथ ऐसी हरकत की है. मामला सामने आने के बाद रामाश्रय के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया जा रहा है. मीडियो में चल रही खबरों के अनुसार बात की जाए तो रामाश्रय ने 9 महिलाओं के अर्धनग्न तस्वीर निकाली है. जानकारी है कि रामाश्रय उन फोटो को पीएम मोदी और राष्ट्रपति को भेजने की तैयारी कर रहा था. खबरों के अनुसार महिलाओं ने अपने लिए इच्छामृत्यु की मांग की थी. तस्वीरों में सभी महिलाएं अपने लिए न्याय मांग रही हैं और वह हाथ जोड़ कर खड़ी हुई हैं. रामाश्रय ने यह तस्वीरें पीएम और राष्ट्रपति को प्रेस विज्ञप्ति के तौर पर सौंपी हैं.

सूत्रों के हवासे से जानकारी है कि महिलाओं ने अपनी यह फोटो इसलिए निकलाई क्योंकि यह फोटो राज्य सरकार को भेजी जाएंगी. लेकिन यह सभी तस्वीरें राज्य सरकार को भेजने के साथ सोशल मीडियो पर भी वायरल कर दी गई. फोटो के वायरल होने की बात जैसे ही गांव में गई तो वहां के लोगों में खासा रोष देखा गया है. फोटो वायरल होने के बाद पूरे राज्य में प्रदर्शन हो रहा है. झारखंड में हो रहे प्रदर्शन के बीच रामाश्रय के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की जा रही है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि जब महिलाओं के उनकी फोटो वायरल होने की बात पता लगी तो वह खासा नाराज हैं और वह इस सब पर धोखाधड़ी की बात कह रही हैं.

महिलाओं का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि उनकी फोटों को वायरल कर दिया जाएगा. दूसरी तरफ रामाश्रय का कहना है कि उसकी तरफ से यह फोटो सोशल मीडिया पर डालकर गलती की गई है. जिसके लिए वह माफी चाहता है. उसका कहना है कि सभी फोटो को हटा लिया गया है. उसका कहना है कि डीवीसी में नौकरी के लिए समाज 50 से ज्यादा सालों से संघर्ष में लगा हुआ है लेकिन सरकार का ध्यान इस तरफ नहीं जाता है. आपको बता दें कि नौकरी पाने के लिए आदिवासी महिलाओं ने निर्वस्त्र होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन भी किया था.

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