चारा घोटाला LIVE: गुरुवार को भी नहीं अब शुक्रवार को मिलेगी सजा

चारा घोटाला मामले में लालू यादव को गुरुवार को सजा सुनाई जानी थी लेकिन अब वह टल गई है. पहले यह सजा बुधवार को ही सुनाई जाती लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कोर्ट ने अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया. लेकिन दो वकीलों के निधन के कारण गुरुवार को भी लालू यादव को सजा नहीं सुनाई गई है. जानकारी है कि लालू यादव सहित 16 लोगों के खिलाफ सजा का ऐलान 5 जनवरी 2018 को हो सकता है. इस मामले की सुनवाई 3 जनवरी 2018 को होनी थी लेकिन एक अधिवक्ता के निधन के बाद इसे 4 जनवरी तक टाल दिया गया था लेकिन गुरुवार को भी सजा नहीं सुनाई गई. ऐसे में लालू यादव बार बार कोर्ट आ रहे है और कोर्ट से वह फिर से जेल जा रहे हैं.

thursday not now on Friday will be awarded fodder scam lalu yadav   awarded, fodder scam, lalu yadav, ranchi, cbi special court, tejashwi yadav
lalu yadav

इससे पहले चारा घोटाला मामले आरजेडी प्रमुख लालू यादव को रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के बाद दोषी करार दिया गया है. जिसके बाद लालू यादव कोर्ट से सीधा जेल गये थे. जहां लालू को एक केस में दोषी पाया गया है तो दूसरी तरफ बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा, ध्रुव भगत को इस केस में क्लीन चिट दे दी गई. शनिवार को पेशी के लिए लालू यादव जगन्नाथ मिश्रा के साथ 22 अभियुक्त कोर्ट में पहुंचे थे. लालू यादव अपने बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ कोर्ट में पहुंचे थे. केस में कुल 38 आरोपी बनाए गए थे जिनमें से तीन सरकारी गवाह बने और 11 लोगों का निधन हो चुका है. केस में दो लोगों ने अपना जुर्म कबूला था. जिनको साल 2006-07 में सजा सुनाई गई थी.

आपको बता दें कि चारा घोटाले मामले में इस वक्त पूरे देश की नजरें बनी हुई हैं. ऐसे में आरजेडी के कई और दिग्गज नेता रांची स्थित सीबीआई स्पेशल कोर्ट पर तंता लगा रहा. चारा घोटाला मामले में फैसले वीरवार को आएगा इसलिए कोर्ट की सुरक्षा और भी ज्यादा कड़ी कर दी गई है. वही दूसरी तरफ लालू के बेटे तेजस्वी यादव का कहना है कि उनके पिता गरीबों के लिए सदैव खड़े रहते हैं और वह बचपन काल से देख रहे हैं कि किस तरह लालू यादव ने गरीबों के लिए लड़ाई की है.

चारा घोटाला मामला साल 1994 में बिहार के देवघर, गुमला, रांची, पटना, चाईबासा और लोहरदगा समेत और भी कई सारे कोषागारों से फर्जी बिलों के जरिए कई करोड़ों रुपयों की अवैध निकासी का मामला है. इस मामले में कई सारी गिरफ्तारियां भी हुई हैं. जिसके बाद पटना हाईकोर्ट की तरफ से इस मामले में सीबीआई जांच शुरु की गई थी जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव का नाम भी सामने आने के बाद यह मामला और भी ज्यादा गर्मा गया था. जिसके बाद 34 आरोपियों पर कोर्ट में चार्जशीद दाखिल की गई थी. इस मामले में दो आरोपियों को सरकारी गवाह बनाया गया तथा तीन आरोपियों का निधन हो चुका है. इसमें मुख्य आरोपी के तौर पर लालू, जगन्नाथ मिश्र, जगदीश शर्मा, आरके राणा, विद्यासागर निषाद आदि लोगों का नाम शामिल है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here