हलाला और बहुविवाह असंवैधानिक है या नहीं

बहुविवाह और हलाला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को अब 5 जजों की संविधान पीठ को सौंप दिया गया है. अब इस मामले में 5 जज तय करेंगे कि हलाला या फिर बहु विवाह संवैधानिक है या नहीं. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है.

नफीसा खान सहित चार याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी जिसमें बहुविवाह और हलाला को असंवैधानिक करार दिए जाने की मांग की गई थी. याचिका में बताया गया था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ अधिनियम 1935 की धारा 2 को संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 का उल्लंघन हैं. याचिका में यह भी कहा गया कि ट्रिपल तलाक IPC की धारा 498 ए के तहत एक क्रूरता है. निकाह-हलाला आईपीसी की धारा 375 के साथ बलात्कार और बहुविवाह IPC की धारा 494 के तहत अपराध है. मुसलमानों में निकाह हलाला बहुविवाह के अलावा निश्चित अवधि के लिए शादी का करार को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है, जिस पर कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा.

आपको बता दें हैदराबाद की रहने वाली मौलिम मोहिसिन बिन हुसैन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मुसलमानों में चली आ रही यह क्रूर प्रथा के रद्द और असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है.

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