चुनावी हलफनामे में उम्मीदवार को बताना होगा परिवार की आमदनी का स्रोत

अब चुनावी उम्मीदवारों को हलफनामे में अपनी संपत्ति के साथ साथ अपने परिवार की आमदनी का स्रोत भी बताना होगा. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एनजीओ ‘लोक प्रहरी’ के द्वारा दायर याचिका पर दिया है. याचिका में नेताओं की तेजी से बढ़ने वाली संपत्ति का हवाला दिया गया था. याचिका में कहा गया था कि चुनाव उम्मीदवार अपने परिवार की जो संपत्ति बताते हैं वह चुनाव जीतने के कुछ समय बाद ही दोगुनी और चार गुनी हो जाती है. इसलिए अब से चुनावी हलफनामे में उम्मीदवार को यह भी बताना होगा कि उसके परिवार की आमदनी का स्रोत क्या है. आम जनता को यह जानने का हक है कि नेता की आमदनी का स्रोत क्या है.

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दायर की गई याचिका में कहा गया था कि 26 लोकसभा सांसदों, 11 राज्यसभा सांसदों और 257 विधायकों की संपत्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. इन सभी लोगों में से कुछ लोगों की संपत्ति तो 500 गुना तक बढ़ गई है. इन आंकड़ों पर जस्टिस जे चेलमेश्वर और एस अब्दुल नजीर की बेंच ने काफी हैरानी जताई थी. इन सभी लोगों के खिलाफ कार्यवाही पर केंद्रीय प्रत्यक्ष बोर्ड कर बोर्ड सीबीडीटी से जवाब तलब किया है. सीबीडीटी ने बताया था कि 7 सांसदों और 98 विधायकों के खिलाफ जांच जारी है. इन सभी नेताओं का ब्यौरा सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपा गया.

इस मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि नेताओं के आय से अधिक संपत्ति मामलों के तेजी से निपटारे के लिए एक विशेष अदालत का गठन किया जाना बहुत जरूरी है. सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी नेताओं के व्यापार और उनके रिश्तेदारों को मिलने वाले सरकारी ठेकों की तरफ भी अपना इशारा किया था. कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सिर्फ जीवनसाथी बल्कि उम्मीदवार पर आश्रित परिवार के और भी दूसरे सदस्यों की आमदनी का स्रोत बताना भी जरूरी है.

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