चारा घोटाला: और 2 के खिलाफ मामला दर्ज, तेजस्वी और रघुवंश प्रसाद को भेजा नोटिस

चारा घोटाला मामले में आए दिन एक नया मोड सामने आ रहा है. इस मामले में अब देवघर के तत्कालीन उपायुक्त औऱ वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह और बिहार के पूर्व डीजीपी व निगरानी ब्यूरो के आईजी डीपी ओझा के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा. दोनों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. कोर्ट के तरफ से इन्हें नोटिस देकर तलब किया गया है कि यह 23 जनवरी को कोर्ट में उपस्थिति दर्ज कराए. इस मामले में कार्रवाई करते हुए पाया गया है कि देवघर कोषागार सीबीआई की विशेष अदालत में पाया गया कि सुखदेव सिंह जब देवघर के उपायुक्त थे तब तेजी से कोषागार से निकासी की जा रही थी.

ranchi notice to tejashwi yadav and raghuvansh prasad singh in fodder scam bihar
tejashwi yadav

बात अगर डीबी ओझा की करें तो वह बिहार पटना के निगरानी ब्यूरो में कार्यरत थे. जिनपर मामले में विलंब करने का आरोप लगाया गया है. सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान इन दोनों पर आरोप लगाए गए है. कोर्ट का मानना है कि अगर घोटाले की शुरुआती वक्त में ही अगर मामले को दर्ज कर लिया जाता तो अवैध निकासी पर रोक लगाई जा सकती थी. इस मामले में कोर्ट की अवमानना करने के आरोप में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, रघुवंश प्रसाद सिंह, मनीष तिवारी और शिवानंद तिवारी को नोटिस जारी किया गया है. इस सभी पर अदालती अवमानना का नोटिस जारी किया गया है. जिसका 23 जनवरी को जवाब इन्हें देना होगा.

वही दूसरी तरफ चारा घोटाला मामले में लालू यादव को गुरुवार को सजा सुनाई जा सकती है पहले यह सजा बुधवार को ही सुनाई जाती लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कोर्ट ने अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया. लालू यादव सहित 16 लोगों के खिलाफ सजा का ऐलान 4 जनवरी 2018 को होगा. इस मामले की सुनवाई 3 जनवरी 2018 को होनी थी लेकिन एक अधिवक्ता के निधन के बाद इसे 4 जनवरी तक टाल दिया गया है. लालू यादव को सीबीआई की विशेष अदालत में एक कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया था.

इससे पहले चारा घोटाला मामले आरजेडी प्रमुख लालू यादव को रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के बाद दोषी करार दिया गया है. जिसके बाद लालू यादव कोर्ट से सीधा जेल गये थे. जहां लालू को एक केस में दोषी पाया गया है तो दूसरी तरफ बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा, ध्रुव भगत को इस केस में क्लीन चिट दे दी गई. शनिवार को पेशी के लिए लालू यादव जगन्नाथ मिश्रा के साथ 22 अभियुक्त कोर्ट में पहुंचे थे. लालू यादव अपने बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ कोर्ट में पहुंचे थे. केस में कुल 38 आरोपी बनाए गए थे जिनमें से तीन सरकारी गवाह बने और 11 लोगों का निधन हो चुका है. केस में दो लोगों ने अपना जुर्म कबूला था. जिनको साल 2006-07 में सजा सुनाई गई थी.

आपको बता दें कि चारा घोटाले मामले में इस वक्त पूरे देश की नजरें बनी हुई हैं. ऐसे में आरजेडी के कई और दिग्गज नेता रांची स्थित सीबीआई स्पेशल कोर्ट पर तंता लगा रहा. चारा घोटाला मामले में फैसले वीरवार को आएगा इसलिए कोर्ट की सुरक्षा और भी ज्यादा कड़ी कर दी गई है. वही दूसरी तरफ लालू के बेटे तेजस्वी यादव का कहना है कि उनके पिता गरीबों के लिए सदैव खड़े रहते हैं और वह बचपन काल से देख रहे हैं कि किस तरह लालू यादव ने गरीबों के लिए लड़ाई की है.

चारा घोटाला मामला साल 1994 में बिहार के देवघर, गुमला, रांची, पटना, चाईबासा और लोहरदगा समेत और भी कई सारे कोषागारों से फर्जी बिलों के जरिए कई करोड़ों रुपयों की अवैध निकासी का मामला है. इस मामले में कई सारी गिरफ्तारियां भी हुई हैं. जिसके बाद पटना हाईकोर्ट की तरफ से इस मामले में सीबीआई जांच शुरु की गई थी जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव का नाम भी सामने आने के बाद यह मामला और भी ज्यादा गर्मा गया था. जिसके बाद 34 आरोपियों पर कोर्ट में चार्जशीद दाखिल की गई थी. इस मामले में दो आरोपियों को सरकारी गवाह बनाया गया तथा तीन आरोपियों का निधन हो चुका है. इसमें मुख्य आरोपी के तौर पर लालू, जगन्नाथ मिश्र, जगदीश शर्मा, आरके राणा, विद्यासागर निषाद आदि लोगों का नाम शामिल है.

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