LIVE: राजद के कार्यकर्ता हताश है निराश नहीं, राजद का झंडा ऊंचा ही रहेगा- रघुवंश प्रसाद

चारा घोटाला मामले में एक के बाद एख नए मोड सामने आ रहे हैं. इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह को गुरुवार को सीबीआई कोर्ट की तरफ से नोटिस भेजा गया है. गुरुवार को इस मामले में रघुवंश प्रसाद सिंह सीबीआई की विशेष अदालत के परिसर में पहुंचे जहां उन्होंने मीडिया से बात की है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लालू यादव का निर्देश है कि राजद के झंडा ऊंचा ही रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकर्ता हताश हैं लेकिन वह निराश नहीं हैं.

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राजद उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह का कहना है कि फैसला चाहे जो भी हो लेकिन उससे काम पर कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए और कार्यकर्ता इस वक्त हताश हैं लेकिन वह निराश नहीं है वह लगातार राजद के लिए कार्य करते रहे. वही सीबीआई से नोटिस मिलने की बात पर उन्होंने कहा का कि कोर्ट की तरफ से उन्हें कोई भी नोटिस नहीं मिला है और इस नोटिस की जानकारी उन्हें मीडिया से मिली है. रघुवंश प्रसाद की तरफ से कहा गया है कि यह एक न्यायाकि प्रक्रिया है. वह कोर्ट की इज्जत करते हैं और अगर कोर्ट की तरफ से उन्हें नोटिस भेजा गया है तो वह कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष भी रखेंगे. रघुवंश प्रसाद की तरफ से साफ किया गया है कि वह न्यायपालिका पर किसी भी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.

इस मामले में अब देवघर के तत्कालीन उपायुक्त औऱ वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह और बिहार के पूर्व डीजीपी व निगरानी ब्यूरो के आईजी डीपी ओझा के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा. दोनों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. कोर्ट के तरफ से इन्हें नोटिस देकर तलब किया गया है कि यह 23 जनवरी को कोर्ट में उपस्थिति दर्ज कराए. इस मामले में कार्रवाई करते हुए पाया गया है कि देवघर कोषागार सीबीआई की विशेष अदालत में पाया गया कि सुखदेव सिंह जब देवघर के उपायुक्त थे तब तेजी से कोषागार से निकासी की जा रही थी. बात अगर डीबी ओझा की करें तो वह बिहार पटना के निगरानी ब्यूरो में कार्यरत थे. जिनपर मामले में विलंब करने का आरोप लगाया गया है. सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान इन दोनों पर आरोप लगाए गए है. कोर्ट का मानना है कि अगर घोटाले की शुरुआती वक्त में ही अगर मामले को दर्ज कर लिया जाता तो अवैध निकासी पर रोक लगाई जा सकती थी. इस मामले में कोर्ट की अवमानना करने के आरोप में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, रघुवंश प्रसाद सिंह, मनीष तिवारी और शिवानंद तिवारी को नोटिस जारी किया गया है. इस सभी पर अदालती अवमानना का नोटिस जारी किया गया है. जिसका 23 जनवरी को जवाब इन्हें देना होगा.

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