पीएम मोदी की 40वीं ‘मन की बात’, बदलाव लाने वालों को दिया पद्मा सम्मान

मन की बात रेडियो कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से देश की जनता के साथ जुड़े हैं. रविवार को पीएम मोदी 40वीं बार मन की बात के जरिए देश की जनता से जुड़े हैं. 40वीं मन की बात कार्यक्रम साल 2018 का पहला कार्यक्रम है. हमेशा की तरह पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कई सारे मुद्दों पर बात की है. पीएम मोदी ने मन की बात के 40वें कार्यक्रम में कल्पना चावला को याद किया. पीएम मोदी ने कहा कि यह एक काफी दुखद बात है कि देश ने कल्पना चावला को इतनी कम उम्र में खो दिया.

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पीएम मोदी ने कहा कि कल्पना चावला ने विश्व भर के साथ खासतौर पर भारत की लड़कियों को इस बात का संदेश दिया है कि नारी शक्ति की कोई सीमा नहीं होती है. पीएम मोदी ने कहा कि कल्पना चावला ने पूरी दुनिया में महिलाओं को प्रेरित किया है. पीएम मोदी ने पद्मा अवार्ड पर बोलते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे लोगों को सम्मानित किया है जोकि बड़े शहरों से नहीं आते हैं बल्कि उन्होंने समाज में बदलाव लाने का काम किया है. मन की बात कार्यक्रम के 40वें संस्करण में पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में इस वक्त 30 हजार से ज्यादा औषधि केंद्रों को स्थापित किया जा चुका है. जिससे दवाइयां सस्ती तो मिल ही रही हैं बल्कि रोजगार के लिए भी नए अवसर बाहर आ रहे हैं.

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्य तिथी है. महात्मा गांधी ने सभी को एक नया रास्ता दिखाया है. 30 जनवरी का दिन सभी लोग शहीद दिवस के तौर पर मनाते हैं और अगर संकल्प किया जाए तो सभी बापू के रास्ते पर चल सकते हैं. मन की बात के 40वें कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सुभासिनी मिस्त्री को भी पुरपस्कार के लिए चुना गया है. सुभासिनी मिस्त्री के बारे में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह एक ऐसी महिला हैं जिन्होंने अस्पताल बनाने के लिए दुसरों के घरों में जाकर बर्तनों को साफ किया है और सब्जियों को बेचा है.

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