दावोस के बाद पीएम मोदी का निशाना आसियान

देश हो या विदेश पीएम मोदी अपने फैसलों के लिए हमेशा चर्चाओं में रहते हैं. ऐसा ही देखने को मिला वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम देवास में. पीएम मोदी दावोस के बाद अब आसियान देशों का दिल जीतने जा रहे हैं.

ऐसा पहली बार होगा की कई देशों के प्रमुख एक साथ गणतंत्र समारोह में शामिल होने जा रहे हैं. दरअसल दिल्ली में एक कार्यक्रम में आसियान देशों के सभी राष्ट्रीय अध्यक्ष आएंगे और सभी राष्ट्रीय अध्यक्ष इस बार गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट होंगे. इससे पहले साल 2017 में सऊदी अरब के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौजूद थे. साल 2017 में भी यह पहला मौका था जब किसी और देश के सुरक्षा दस्ते ने भारतीय गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लिया था. पीएम मोदी की कूटनीतिक चतुराई किसी से छुपी नहीं है. यह पहला मौका होगा कि सभी आसियान देशों के इतने सारे राष्ट्रीय अध्यक्ष एक साथ भारत की सैन्य ताकत और सामाजिक विविधताओं की झलक एक ही मंच पर दिखेंगे. भारत और आसियान देशों के रिश्तो की बात करें तो इस साल इनकी सिल्वर जुबली है, यानी भारत को आसियान देशों के साथ रिश्ते रखते हुए 25 साल हो गए हैं. इस मौके पर दिल्ली में 25 जनवरी को एक इंडिया आसियान बिजनेस एंड इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सभी 10 राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल हो रहे हैं.

आपको बता दें इस बार 90 मिनट की परेड के दौरान कुल 23 में से 2 झाकियां आसियान देशों पर भी होगी. इस बार परेड में भारत की सबसे तेज तकनीकी मिसाइल ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल व आकाश मिसाइल का प्रदर्शन भी किया जाएगा और यह पहला मौका होगा जब BSF की कोई महिला टुकड़ी मोटरसाइकिल पर करतब दिखाएंगे.

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