साल के आखिरी दिन आतंकियों का तांडव, ये है पूरे साल की रिपोर्ट

घाटी में इन दिनों हालात बेहद ही तनावपूर्व बने हुए हैं. आए दिन हो रही आतंकी गतिविधियों के कारण यहां दहशत का माहौल बना हुआ है. ऐसे में साल 2017 के आखिरी दिन भी आतंकियों का तांडव यहां पर देखने को मिला. आतंकियों ने बार पुलवामा में सेना के जवानों पर हमला किया. हमला इतना ज्यादा घातक था कि इसमें दो जवान शहीद हो गए और तीन जवान घायल हो गए. इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली है. आतंकियों ने इस बार अवंतिपुरा के लीथपोरा स्थित सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया है.

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वही आए दिन आतंकी हमलों के कारण यहां का माहौल तनावपूर्ण बने हुए होते हैं. साल 2017 की बात की जाए तो आतंकियों ने कई बार सेना के कैंप को अपना निशाना बनाया है. इसके जवाब में सेना ने भी कई आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है. इससे पहले अक्टूबर महीने में आतंकियों ने श्रीनगर एयरपोर्ट के पास सेना के कैंप पर हमला किया था. इस आत्मघाती हमले में सेना द्वारा बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया था. सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था. लेकिन इस हमले में बीएसएफ के एक एएसआई शहीद हो गए थे. घटिया आतंकियों ने इस दौरान बीएसएफ की 182वीं बटालियन पर हमला किया था.

अगस्त महीने में भी आतंकियों ने सेना पर हमला बोला था. अगस्त महीने में सुरक्षाबलों की आतंकियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई थी. यह मुठभेड़ पुलवामा हुई थी. जोकि फिदायीन आतंकियों ने किया था. यह भीषण मुठभेड़ इतनी ज्यादा भयानक थी कि इसमें 4 पुलिसकर्मी और 4 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे. यह मुठभेड़ 18 घंटों तक चली थी. 18 से भी ज्यादा घंटों तक चली मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया था.

जून महीने में आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे. लेकिन सुरक्षाबलों के होते हुए ऐसा हो ना पाया. इस दौरान भी आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप पर धावा बोला थी इस बार सुरक्षाबलों ने 4 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया. आतंकी इस बार भारी गोला बारूद अपने साथ लेकर आए थे. जानकारी है कि इस हमले में आतंकी सीआरपीएफ के 45वें बटालियन के मुख्यालय में घुसने की फिराक में थे लेकिन सेना ने आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था.

अप्रैल महीने में कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के पंजगाम इलाके में आर्टिलरी हेडक्वार्टर 155 फील्ड रेजीमेंट आर्मी कैप में आतंकी हमला हुआ था. यह फिदायीन हमला था. आतंकी हमला इतना जबरदस्त था कि इसमें एक कैप्टन सहित तीन जवान शहीद हो गए थे. लेकिन सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में सेना ने 2 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था. जिसके बाद एक बार फिर से सेना के जवानों ने भारत माता की जय का नारा लगाया था.

फरवरी महीने में आतंकियों द्वारा शोपियां जिले में अपना तांडव दिखाया गया था. इस बार आतंकियों ने अपने सर्च ऑपरेशन से लौट रहे जवानों पर हमला कर दिया था. इस हमले में चार जवान शहीद हो गए थे. इस दौरान इस महिला को भी गोली लग गई थी जिस कारण उसकी मौत हो गई थी. जिसका इस हमले को मुंहतोड़ जवान सुरक्षाकर्मियों द्वारा दिया गया था.

जनवरी महीने में भी आतंकियों ने सेना के कैंप पर हमला कर दिया था. इस बार आतंकियों ने अखनूर सेक्टर में एलओसी के पास स्थित बटाल गांव पर अपना तांडव दिखाया गया था. आतंकियों ने जीआरईएफ (जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स) कैंप पर धावा बोल दिया था. यह हमला इतना ज्यादा भयानक था कि इसमें 3 लोगों की मौत हो गई थी. लेकिन इस बार आतंकी मौके से फरार होने में कामयाब रहे थे.

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