चारा घोटाला: जानें लालू यादव की कहानी, तीसरे मामले में लालू समेत 50 दोषी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में रांची की अदालत ने दोषी करार दिया है. अदालत ने इस मामले पर 56 में से 50 को दोषी माना था. जिनमें लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा का नाम शामिल है. सीबीआई अदालत में दोषी करार दिए जाने के बाद लालू समेत सभी की सजा पर बहस हुई. इसके बाद अदालत ने दोपहर 2 बजे तक के लिए टाल दी.

इससे पहले राजनीति की बात की जाए तो इन दिनों बिहार की राजनीति चर्चा का केंद्र बनी हुई है. चारा घोटाला मामले में लालू यादव को जेल होने के बाद से ही कई सारे खुलासे किए जा रहे हैं. लेकिन लालू यादव के जेल जाने से पहले उन्हे बचाने वालों की लिस्ट में एक के बाद एक कई नाम जुड़ते जा रहे हैं. लिस्ट में एक नाम जालौन के कलेक्टर का भी है जिन्होंने सीबीआई स्पेशल जज शिवपाल सिंह को फोन कर यह कहा था कि लालू यादव का केस आपके पास है, थोड़ा देख लीजिएगा. लेकिन कई सिफारिशों के बाद भी सीबीआई जज शिवपाल सिंह अपने फैसले पर अटल रहे.

बात अगर की जाए जज शिवपाल सिंह कि तो वह यूपी के जालौन जिले के शेखपुर खुर्द के रहने वाले हैं. वही लालू यादव की शिफारिशों में जालौन के डीएम डा. मन्नान अख्तर का भी सामने आया था लेकिन उनकी तरफ से इन सभी खबरों को खारिज कर दिया गया था. उनकी तरफ से कहा गया है कि उन्होंने किसी के लिए भी किसी भी प्रकार की कोई शिफारिश नहीं की है. इस मामले में जालौन के एसडीएम भैरपाल सिंह की तरफ से भी सफाई पेश की गई है. उनकी तरफ से भी इन सभी खबरों को खारिज किया गया है. भैरपाल सिंह ने कहा है कि उन्होंने किसी के भी बचान में किसी को भी फोन नहीं किया है. अपने बचाव में बोलते हुए उन्होंने कहा है कि वह किसी भी न्यायिक अधिकारी से इस तरह की बात नहीं करते हैं.

आपको बता दें कि लालू यादव इन दिनों चारा घोटला मामले में जेल में बंद हैं. लालू यादव को इस मामले में साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है. सजा मिलने के बाद लालू यादव रांची की बिरसा मुंजा डेल में बंद हैं. लालू यादव के जेल पहुंचने से पहले भी यहां पर काफी हंगामा हुआ था. इस बीच खबर भी आई थी कि मारपीट के मामले में लालू यादव की सेवा करने के लिए उनके सेवादार जेल तक पहुंच गए थे.

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