15 दिनों तक लड़ी जिंदगी से जंग, फिर छोड़ दी सांसे

हिंदुओं के पलायन के मुद्दे को लेकर चर्चाओं में आए सांसद हुकुम सिंह शनिवार को नोएडा के जेपी अस्पताल में निधन हो गया. सांस में तकलीफ के बाद उन्हें नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. 15 दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद हुकुम सिंह ने सांसो की डोर अचानक ही छोड़ दी. डॉक्टरों के लाख प्रयास के बाद भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सका था. हुकुम सिंह को फेफड़ों में संक्रमण था. जब वह भर्ती हुए थे तो उसने खांसी, बुखार व जुकाम की भी समस्या थी. फेफड़ों की सूजन लगातार बढ़ती गई और संक्रमण कम नहीं हो रहा था, जिस वजह से उनका निधन हो गया.

उनके निधन के बाद बीजेपी के कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर हुकुम सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया. ट्वीट कर पीएम ने कहा कि यूपी के वरिष्ठ नेता और सांसद के निधन पर काफी दुखी हैं. यूपी के लिए हुकुम सिंह ने काफी कुछ काम किया है.

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने भी हुकुम सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है. अमित शाह का कहना है कि उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता के निधन पर पार्टी को भारी चोट लगी है. इसके साथ ही बीजेपी के कई नेताओं ने हुकुम सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है. रविवार को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ हुकुम सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने कैराना जाने वाले हैं. हुकुम सिंह का अंतिम संस्कार कैराना के मायापुर फार्म हाउस में किया जाएगा.

जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल कैराना में हिंदुओं के तथाकथित पलायन के मुद्दे को हुकुम सिंह ने विधानसभा में उठाया था. विधानसभा में हुकुम सिंह द्वारा एक लिस्ट जारी की गई थी जिसमें बताया गया था कि हिंदू परिवार यहां से पलायन कर गए हैं. लेकिन बाद में जांच के बाद पता लगा था कि हिंदू परिवार ने यहां से पलायन नहीं किया है. जिसके बाद आरोप लगाया गया था कि मुस्लिमों के कारण कश्मीरी पंडितों की तरह हिंदू परिवार कैराना से पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं.

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