नहीं थम रहा किसानों की खुदकुशी का सिलसिला, पिछले 24 घंटे में मध्यप्रदेश में गई 3 जानें

सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी किसानों की आत्महत्या का सिलसिला नहीं रुक रहा है. अकेले मध्यप्रदेश में ही पिछले 24 घंटे में 3 किसानों की मौत हुई है, जिसमें से 2 किसानों ने कर्ज से तंग आकर आत्महत्या की. जबकि एक किसान ने कृषि उपज मंडी में चल रही कथित अव्यवस्थाओं के चलते मौत हुई.

कर्ज माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं कई अन्य मांगों को लेकर किसानों ने 10 दिवसीय देशव्यापी बंद बुलाया हुआ है. पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत 10 राज्यों के किसान भी इसमें भाग ले रहे हैं. इसके अलावा इस किसान आंदोलन को ऑल इंडिया किसान यूनियन का समर्थन भी हासिल है. ऑल इंडिया किसान यूनियन की मानें तो महाराष्ट्र सरकार उनके प्रति पिछले 10 दिन से काफी नकारात्मक रवैया अपना रही है. किसान आगामी 5 जून से इस आंदोलन को और तेज करने की तैयारी कर रहे हैं. वही आपूर्ति रोक दिए जाने की वजह से पंजाब से लेकर हरियाणा तक कई शहरों में सब्जियों के भाव 10 से 20 रूपये प्रति किलो बढ़ गए हैं.

मध्यप्रदेश में जिन किसानों ने कर्ज की वजह से खुदकुशी की है. वह बालाघाट एवं शुजालपुर जिले के रहने वाले थे. जबकि कृषि उपज मंडी की अवस्थाओं के चलते जिस एक किसान ने दम तोड़ा वे सिवनी जिले का रहने वाला था. बालाघाट जिले रहने वाले किसान के ऊपर करीब डेढ़ लाख रूपय का कर्जा था, जिसके चलते उसने अपनी जान दे दी.
मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की ओर से बयान आया है. शुजालपुर के सब डिवीजन मजिस्ट्रेट आरपी जायसवाल ने कहा है किसान गोवर्धन का शव पाया गया है. उसमें किस कारण से मौत हुई है कि इसकी उचित जांच करवाई जाएगी.

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