बिटकॉइन को लेकर विचार कर रही केंद्र सरकार

बिटकॉइन एक वर्चुअल करेंसी है और इसकी लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है. बिटकॉइन की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर केंद्र सरकार ने इस करेंसी पर विचार करते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) को ऑडिटिंग रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्देश दिए हैं. वर्चुअल करेंसी को आपके वित्तीय लेन देन में शामिल करने का विचार कर रही है केंद्र सरकार.

इसकी जानकारी (आईसीएआई) के डिजिटल एकाउंटिंग और एश्यारेंस स्टैंडर्ड बोर्ड के सदस्य देबाशीस मित्रा ने दी. इसकी जिम्मेदारी उन्हें कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा सौंपी गई है. उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि आईसीएआई ने एक पैनल गठित कर लिया है और यह अपनी रिपोर्ट 31 मार्च तक सौंप देगा.

जानें क्या है डिजिटल करेंसी

यह डिजिटल करेंसी इंटरनेट पर चलने वाली एक वर्चुअल करेंसी है. इस करेंसी की शुरुआत इंटरनेट पर सन् 2009 में बिटकॉइन नाम से हुई थी. ज्यादातर इस करेंसी का इस्तेमाल दुनिया में किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को पेमेंट करने के लिए किया जाता है और सबसे खास बात यह है की किसी को भुगतान करने के लिए किसी भी बैंक को माध्यम बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

किस प्रकार काम करती है डिजिटल करेंसी

बिटकॉइन वर्चुअल करेंसी का इस्तेमाल पीयर टू पीयर टेक्नोलॉजी पर आधारित है. बिटकॉइन की मदद से आप अपना ट्रांजैक्शन दो कंप्यूटरों के बीच कर सकते हैं. बिटकॉइन द्वारा ट्रांजैक्शन करने के लिए किसी भी सेंट्रल बैंक तथा गार्जियन की जरूरत नहीं पड़ती. यह करेंसी ओपन सोर्स करेंसी है, जहां कोई भी व्यक्ति इस की डिजाइन से लेकर कंट्रोल को अपने हाथ में रख सकता है.

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