Budget 2018: वित्त मंत्री अरुण जेटील लगानी होगी तरकीब, हैं कई सारी चुनौतियां

गुरुवार को देश का बजट पेश होने वाला है. गुरुवार 11 बजे केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश करेंगे. अपने अपने आवास से निकल चुके हैं. अपने आवास से निकलने के बाद वह राष्ट्रपति भवन जाएंगे जहां पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सहमति लेकर वह बजट पेश करेंगे. बजट पेश करने के साथ अरुण जेटली के सामने कई सारी चुनौतियां भी रहने वाली हैं. इस साल देश के 8 अलग अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. साल 2019 में सोकसभा चुनाव भी किए जाएंगे.

आर्थिक सर्वे के अनुसार बात की जाए तो साल 2018-19 के लिए जीडीपी दर 7 से 7.5 फीसदी तर रखी गई है. लेकिन मोदी सरकार की चुनौतियों में एक चुनौती कच्चे तेल की बढ़ती कीमत भी है. माना जा रहा है कि मोदी सरकार के राज में जो गांव के इलाकों में काम हुए हैं उससे लोग कुछ ज्यादा प्रभावित नहीं हैं. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि मोदी सरकार इस बार बजट में कुछ ऐसी घोषणाएं कर सकती है जिससे आम जनता को राहत मिले. लेकिन इस सब के बीच राजकोषीय घाटे को कम रखने की एक बहुत बड़ी चुनौती सरकार के सामने है.

आपको बता दें कि जब कच्चे तेल की कीमते बढ़ती हैं तो मंहगाई भी साथ साथ बढ़ती है. कच्चे तेल में जून महीने से इसकी कीमतों में 40 फीसदी तक वृद्धि हो चुकी है. मोदी सरकार की तरफ से जिस वक्त जीएसटी लागू की गई उससे करीब दो महीनों तक राजस्व संग्रह में कमी दर्ज की गई है. दिसंबर महीने में इसमें सुधार हुआ था. लेकिन जुलाई से अगर इसकी तुलना की जाए तो यह काफी कम है. कहा जाता है कि आने वाले वक्त में जीएसटी के काफी लाभ मिलेगा लेकिन उससे पहले इसकी जटिलताओ को दूर करने अनिवार्य है. इसके साथ ही वित्त मंत्रालय पर इस समय उद्योग जगत में टैक्स को कम करने का भी प्रभाव है.

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