21 महीने बाद सर्जिकल स्ट्राइक का सच आया सामने 8 मिनिट का है video

29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना ने एलओसी पार कर पीओके में तबाह किए थे आतंकी ठिकाने।

  • उड़ी सैन्य शिविर पर आतंकी हमले में 21 जवान शहीद हुए थे, सर्जिकल स्ट्राइक जवाबी कार्रवाई थी
  • जो वीडियो सामने आया, उसकी सेना ने पुष्टि नहीं की

18 सितंबर 2016 को उड़ी में सैन्य शिविर पर आतंकी हमला हुआ। 21 जवान शहीद हुए। 11 दिन बाद 29 सितंबर को भारतीय सेना ने एलओसी पार कर तीन किलोमीटर अंदर तक जाकर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। सर्जिकल स्ट्राइक में रॉकेट लॉन्चर, मिसाइल और छोटे हथियार इस्तेमाल किए गए।कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुवार को सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार एक तरफ जय जवान-जय किसान नारे का राजनीतिक शोषण कर रही है, दूसरी तरफ सर्जिकल स्ट्राइक की वीर गाथा को वोट के लिए इस्तेमाल कर रही है। यह शर्मनाक है। हम इसकी निंदा करते हैं।

विपक्ष ने मांगे थे सबूत:  pok strike

के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षी नेताओं ने सबूत मांगे थे। इस पर उन्हें काफी विरोध भी झेलना पड़ा था। पूर्व मंत्री अरुण शौरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि ये सर्जिकल नहीं, फर्जिकल स्ट्राइक हुई थी। हालांकि, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूतों की मांग पर सरकार की ओर से कहा जाता रहा है कि यह सेना की रणनीति का हिस्सा है। ऐसे रणनीतिक दस्तावेज जारी कर दुश्मन की मदद नहीं की जा सकती। माना जाता है कि सर्जिकल स्ट्राइक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, एनएसए अजीत डोभाल और तत्कालीन डीजीएमओ रणबीर सिंह ने करीब 10 दिन तक प्लानिंग तैयार की थी।

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