नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में साल 2022-23 के लिए सभी अनिवार्य खरीफ फसलों की एमएसपी (MSP) को बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद किसान अपनी खरीफ फसलों को नए दाम पर बेच सकता है। इससे किसानों की कमाई में इजाफा होगा।

किस फसल पर कितनी बढ़ी एमएसपी (MSP)
फसल MSP ( प्रति क्लिंटल
उड़द 300
धान 100
मूंग 480
मूंगफली 300
अरहर 300
बाजरा 100
ज्वार 232
सूरजमुखी 385

धान की एमएसपी में वृध्दि
सरकार ने धान की एमएसपी को 1,940 रुपये से बढ़ाकर 2,040 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। वहीं, धान की ‘ए’ ग्रेड किस्म का समर्थन मूल्य 1,960 रुपये से बढ़ाकर 2,060 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। तो वहीं, धान के अलावा सरकार ने मूंगफली, तुअर, मूंग, ज्वार, बाजरा और रागी के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के लिए भी मंजूरी दे दी है। इस सीजन में कुल 14 फसलों का MSP बढ़ाया गया है।

MSP से क्या अर्थ होता है?
MSP- न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी गारंटेड मूल्य है जो सरकार, किसानों को उनकी फसल खरीदने पर पैसा देती है। मतलब अगर किसी कृषि उत्पाद का MSP 1000 रुपये प्रति क्विंटल है। तो किसानों को उनकी फसलों के लिए भुगतान इससे नीचे नहीं किया जा सकता है।

किसी फसल का MSP किस लिए तय किया जाता है?
किसी फसल का MSP इसलिए तय किया जाता है ताकि किसानों को किसी भी हालत में उनकी फसल के लिए एक वाजिब न्यूनतम मूल्य मिलता रहे। चाहें बाजार में उस फसल की कीमत कितनी भी हो।

MSP कौन तय करता है?
न्यूनतम समर्थन मूल्य का ऐलान सरकार की तरफ से कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश पर साल में दो बार रबी और खरीफ के मौसम में किया जाता है। लेकिन गन्ने का समर्थन मूल्य गन्ना आयोग ही तय करता है।

Azhan Ansari

अज़हान मोहम्मद अंसारी एक मीडिया पर्सनैलिटी हैं। वह टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन,...

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